रांची, 13 अक्टूबर 2026। डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर, सीसीएल, रांची और सीसीएल के राजभाषा विभाग, दरभंगा हाउस के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में अंतरविद्यालय हिंदी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, अनुराग और गौरव की भावना विकसित करने के साथ-साथ राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना था। इस आयोजन में रांची और आसपास के क्षेत्रों के 25 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया।

दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गीत से हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत तिलक-वंदन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। अतिथियों को हरित पौधे, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, डीएवी गान, स्वागत गान, गणेश वंदना और सरस्वती वंदना के माध्यम से समारोह को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार झा ने स्वागत संबोधन में हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की सशक्त संवाहक है। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी का शुद्ध, सहज और प्रभावी प्रयोग करने का आह्वान किया।
हिंदी हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान : एमके सिन्हा
झारखंड जोन बी के एआरओ एमके सिन्हा ने अपने संबोधन में हिंदी के प्रचार-प्रसार और शिक्षा के क्षेत्र में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। इसके प्रति सम्मान और अनुराग बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
वहीं, सीसीएल रांची के वेलफेयर एवं राजभाषा विभाग से जुड़े संजय कुमार ठाकुर ने कार्यालयीन और व्यावहारिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने हिंदी को जनसामान्य से जोड़ने तथा सरकारी कामकाज में इसके उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
हिंदी ने देश को भावनात्मक एकता के सूत्र में बांधा : डॉ. जेबी पाण्डेय
समारोह के विशिष्ट अतिथि रांची विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. जेबी पाण्डेय ने हिंदी भाषा के साहित्यिक वैभव, ऐतिहासिक विकास और सांस्कृतिक महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज की पहचान और उसकी विचारधारा की अभिव्यक्ति होती है। हिंदी ने विविधताओं से परिपूर्ण भारत को भावनात्मक एकता के सूत्र में बांधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विद्यार्थियों से हिंदी साहित्य पढ़ने का किया आह्वान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मनीष रंजन, आईएएस, महानिदेशक, श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची ने हिंदी भाषा के व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा में विचारों की अभिव्यक्ति सहज, प्रभावी और आत्मीय होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य पढ़ने, पठन-पाठन की आदत विकसित करने और अपनी भाषायी विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने ‘हिंदी महोत्सव’ शब्द के प्रत्येक वर्ण की प्रसंग सहित व्याख्या कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम में सीसीएल राजभाषा विभाग के उपप्रबंधक दिविक दिवेश की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
कविता, कहानी लेखन और आशु भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
हिंदी महोत्सव के तहत विद्यार्थियों के लिए कविता लेखन, कहानी लेखन, कविता वाचन और आशु भाषण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, भाषायी दक्षता, अभिव्यक्ति कौशल और साहित्यिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
आयोजकों के अनुसार, रांची और आसपास के क्षेत्रों के 25 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
14 अक्टूबर को होंगी एकल अभिनय और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं
हिंदी महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को एकल अभिनय और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा, साहित्य और सामान्य ज्ञान से संबंधित अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और सीसीएल के संबंधित अधिकारियों की सहभागिता रही। समारोह का संचालन रिद्धिमा रानी, अंश सैनी, शशि कुमार, तन्वी श्रेया उरांव, श्रेया सिंह, जिज्ञासा शर्मा और पल्लवी कुमारी ने संयुक्त रूप से किया।
डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर और सीसीएल राजभाषा विभाग का यह संयुक्त आयोजन विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने, साहित्यिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और राजभाषा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।



