वैशाली नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत से पसरा मातम, एक ही परिवार के सात बच्चे शामिल

गंगा में नाव पलटने से हुआ दर्दनाक हादसा, परिजनों से मिलते ही डीएम वर्षा सिंह से लिपटकर रोने लगी महिला; अस्पताल में तीन बच्चों का इलाज जारी वैशाली/पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने कई

गंगा में नाव पलटने से हुआ दर्दनाक हादसा, परिजनों से मिलते ही डीएम वर्षा सिंह से लिपटकर रोने लगी महिला; अस्पताल में तीन बच्चों का इलाज जारी

वैशाली/पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने की है। मृतकों में 15 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें एक ही परिवार के सात बच्चे भी हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हादसे की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान एक महिला डीएम से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। परिवार के बच्चों को खोने का दर्द और परिजनों की चीख-पुकार से मौके पर माहौल बेहद गमगीन हो गया।

भोज खाने जा रहे थे बच्चे, तभी पलटी नाव

जिलाधिकारी वर्षा सिंह के मुताबिक, हादसा मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8:30 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव पर लगभग 15 से 20 बच्चे सवार थे। बच्चे पास के गांव में भोज खाने जा रहे थे, तभी गंगा नदी में नाव पलट गई।

घटना की जानकारी मिलते ही बचाव और राहत कार्य शुरू किया गया। हादसे में कई बच्चे नदी में डूब गए। बाद में 13 बच्चों को मृत घोषित किए जाने की पुष्टि की गई। मृतकों में ज्यादातर लड़कियां होने की बात भी सामने आई है।

एक ही परिवार के सात बच्चों की मौत की खबर

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के सात बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। एक ही परिवार के कई बच्चों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

हालांकि, मृतकों के पारिवारिक संबंधों और उनकी पहचान से जुड़ी पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

अस्पताल में तीन बच्चों का इलाज जारी

हादसे में बचाए गए घायल बच्चों को पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के बाल चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार के अनुसार, चार बच्चों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से एक बच्चे को छुट्टी दे दी गई, जबकि तीन बच्चे भर्ती हैं।

डॉक्टर के मुताबिक, भर्ती बच्चों में एक की स्थिति सामान्य बताई गई, जबकि दो बच्चों की हालत गंभीर है। उनमें से एक बच्चे को गंभीर निमोनिया होने की जानकारी दी गई। चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों का इलाज जारी है।

डीएम और एसपी ने घटनास्थल का किया दौरा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी वर्षा सिंह और एसपी शुभांक मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित परिजनों का दर्द सामने आया। एक महिला डीएम से लिपटकर रोने लगी, जिसका दृश्य हादसे की भयावहता और परिवारों की पीड़ा को बयां कर रहा था।

प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के कारणों और नाव पर सवार बच्चों की सही संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

राजनीतिक नेताओं ने जताया दुख

हादसे पर बीजेपी नेता गुरु प्रकाश पासवान ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति देने की प्रार्थना की और कहा कि सरकार तथा प्रशासन पीड़ितों के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात भी कही।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गंगा नदी में नाव पलटने से बच्चों की मौत की इस घटना ने नदी में नाव से यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बच्चों को नाव से ले जाते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, नाव की क्षमता और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता जैसे पहलुओं की जांच जरूरी है।

फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके लिए यह अपूरणीय क्षति है। हादसे के कारणों और प्रशासनिक जांच से जुड़े आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: खबर प्रकाशित करने से पहले मृतकों की संख्या, एक ही परिवार के सात बच्चों से संबंधित विवरण और अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्थिति की ताजा आधिकारिक पुष्टि कर लें।

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