SIR Protest: अभिजीत दीपके को मिली जमानत, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली; पुलिस से मिली अनुमति

SIR विरोध के बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में जमानत मिल गई। कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करेगी। दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी हलचल तेज है। नई दिल्ली: SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण

SIR विरोध के बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में जमानत मिल गई। कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करेगी। दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी हलचल तेज है।

नई दिल्ली: SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिल गई। शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले हिरासत में लिया था। शनिवार को उन्हें जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, दीपके को जमानत के लिए 50 हजार रुपये का बेल बॉन्ड भरना पड़ा। यह आठ दिनों के भीतर उनके खिलाफ दूसरी पुलिस कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया गया था और अगले दिन रिहा कर दिया गया था।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली

SIR के विरोध में कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को बड़ी रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस से रैली की अनुमति पहले ही ले ली है।

कांग्रेस की इस प्रस्तावित रैली को SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के बड़े राजनीतिक अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।

अभिजीत दीपके की पेशी से पहले बढ़ाई गई थी सुरक्षा

शनिवार को अभिजीत दीपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनकी पेशी से पहले मंदिर मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

दीपके की कानूनी टीम भी पुलिस स्टेशन पहुंची थी। CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह और वकील पुष्प शर्मा के थाने पहुंचने की जानकारी सामने आई।

CJP ने हिरासत को लेकर लगाए आरोप

CJP की ओर से दावा किया गया कि दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद कई घंटों तक उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं दी गई। पार्टी ने पुलिस पर हिरासत का कारण स्पष्ट नहीं करने का भी आरोप लगाया।

वहीं, पुलिस की ओर से कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामलों में FIR दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस के मुताबिक, बार-बार चेतावनी के बावजूद भीड़ जमा हुई और BNSS की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।

नेहा बोरा की हिरासत को लेकर AISA का आरोप

SIR विरोध प्रदर्शनों के बीच AISA ने अपनी अध्यक्ष नेहा बोरा की हिरासत को लेकर भी आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद करीब पांच घंटे तक दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया और बाद में आरके पुरम थाने पहुंचाया गया।

AISA ने यह भी आरोप लगाया कि आधी रात के आसपास थाने पहुंचे वकीलों को उनसे मिलने नहीं दिया गया। संगठन ने नेहा की तबीयत खराब होने के बावजूद दवाइयां उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली पुलिस के खिलाफ केरल में जीरो FIR

रिपोर्ट के अनुसार, केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ छात्रा और NSUI कार्यकर्ता अथिरा विजयन हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 13 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

सौरव दास और आशुतोष रांका न्यायिक हिरासत में

SIR विरोध से जुड़े प्रदर्शन के मामले में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की विशेष अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। दोनों को 13 अक्टूबर की सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई थी।

उनकी न्यायिक हिरासत 18 अक्टूबर को समाप्त होनी है। इसके बाद उन्हें फिर अदालत में पेश किया जाएगा।

प्रकाश राज ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही

अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। उन्होंने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने की बात कही है।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मानजनक प्रदर्शन और इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। पुलिस ने तिरंगे को जमीन पर न छूने देने, उसे उल्टा न फहराने और सजावट या कपड़े के रूप में इस्तेमाल नहीं करने सहित कई नियमों की जानकारी दी है।

SIR विरोध के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

SIR को लेकर दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई के बीच कांग्रेस की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दूसरी ओर, विभिन्न छात्र और सामाजिक संगठन भी प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।


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