नई दिल्ली: दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। सितंबर और अक्टूबर 2026 में अब तक 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 14 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम घट चुकी है। वहीं चांदी की कीमत में भी पिछले कुछ महीनों में तेज गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या सोने-चांदी के दाम अभी और गिर सकते हैं या दिवाली से पहले खरीदारी का यह सही मौका है?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 31 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद सितंबर और अक्टूबर में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सोना करीब 14 हजार रुपए सस्ता हुआ है।
त्योहारी सीजन में सोने की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में आई इस गिरावट ने खरीदारों के बीच असमंजस बढ़ा दिया है कि अभी खरीदारी की जाए या कुछ और समय इंतजार किया जाए।
सोने की कीमत में क्यों आई गिरावट?
सोने की कीमत कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से प्रभावित होती है। इनमें वैश्विक बाजार में सोने की मांग, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीद, अंतरराष्ट्रीय तनाव और निवेशकों की खरीदारी प्रमुख हैं।
जब निवेशक सोने में मुनाफावसूली करते हैं या अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग कमजोर होती है, तो घरेलू बाजार में भी कीमत पर दबाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, सोने की कीमत में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि आगे भी कीमत लगातार कम ही होगी। बाजार में किसी भी समय तेजी या गिरावट दोनों देखने को मिल सकती है।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी उतार-चढ़ाव जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले करीब नौ महीनों में चांदी की कीमत में लगभग 50% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
चांदी का इस्तेमाल सिर्फ आभूषणों में ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में भी होता है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है।
क्या सोना और सस्ता हो सकता है?
यह सवाल सबसे ज्यादा खरीदारों के मन में है। किसी भी कमोडिटी की कीमत का निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल होता है। सोने के मामले में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक परिस्थितियां आगे की दिशा तय कर सकती हैं।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति सिर्फ इस उम्मीद में खरीदारी टालता है कि सोना निश्चित रूप से और सस्ता होगा, तो उसे कीमतों में अचानक बदलाव का जोखिम भी ध्यान में रखना चाहिए।
दिवाली पर खरीदारी करनी है तो क्या करें?
अगर खरीदारी शादी, त्योहार या किसी जरूरी व्यक्तिगत जरूरत के लिए करनी है, तो पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना एक विकल्प हो सकता है। इससे कीमत में आगे उतार-चढ़ाव होने पर औसत खरीद मूल्य को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
वहीं, अगर खरीदारी केवल निवेश के उद्देश्य से है, तो बाजार की मौजूदा स्थिति और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला लेना बेहतर होगा।
ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ सोने का भाव न देखें
सोने के आभूषण खरीदते समय केवल 24 कैरेट सोने का बाजार भाव देखना पर्याप्त नहीं है। ज्वेलरी की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं।
खरीदारी से पहले:
- सोने की शुद्धता और हॉलमार्क जरूर देखें।
- प्रति ग्राम सोने का भाव स्पष्ट रूप से पूछें।
- मेकिंग चार्ज की जानकारी लें।
- बिल और शुद्धता प्रमाण जरूर लें।
- अलग-अलग दुकानों के भाव और मेकिंग चार्ज की तुलना करें।
निष्कर्ष: अभी खरीदें या इंतजार करें?
दिवाली से पहले सोने और चांदी में आई गिरावट खरीदारों के लिए राहत की खबर है, लेकिन आगे कीमत और कितनी गिरेगी, इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती। जरूरत के लिए खरीदारी करने वालों को सिर्फ बाजार की भविष्यवाणी के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। निवेश के लिए खरीदारी करने वालों के लिए चरणबद्ध निवेश का विकल्प ज्यादा संतुलित रणनीति हो सकता है।


