Jharkhand Maiya Samman Yojana: रक्षाबंधन से पहले झारखंड की करीब 51 लाख महिलाओं के खाते में ₹2,500 की सम्मान राशि ट्रांसफर की गई। जानें योजना और सरकार की पूरी जानकारी…
Ranchi News: रक्षाबंधन से पहले झारखंड की महिलाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मंईयां सम्मान योजना के तहत करीब 51 लाख लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में ₹2,500 की सम्मान राशि ट्रांसफर की है। सरकार के मुताबिक, राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि वित्तीय चुनौतियों और केंद्र के नए खान-खनिज कानून को लेकर चल रही राजनीतिक एवं कानूनी लड़ाई के बावजूद महिलाओं से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
51 लाख महिलाओं को मिला ₹2,500 का लाभ
रक्षाबंधन से पहले मंईयां सम्मान योजना की राशि जारी होने से राज्य की लाखों महिला लाभुकों को राहत मिली है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का दावा है कि राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाने से योजना में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है। ऐसे में सरकार की ओर से योजना के क्रियान्वयन और लाभुकों तक राशि पहुंचाने को लेकर विशेष निगरानी की बात कही गई है।
2024 के विधानसभा चुनाव के बाद लागू हुई योजना
मंईयां सम्मान योजना को झारखंड सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल किया गया है। विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर इस तरह की आर्थिक सहायता का वादा किया गया था।
सरकार बनने के बाद योजना को लागू किया गया और इसके माध्यम से पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहारा उपलब्ध कराना है।
आर्थिक चुनौतियों के बीच योजना जारी रखने का दावा
झारखंड सरकार और केंद्र के बीच एमएमडीआर संशोधन कानून को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी जारी है। राज्य सरकार का कहना है कि नए खान-खनिज कानून से राज्य के खनिज राजस्व और वित्तीय अधिकारों पर असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार के अनुसार, झारखंड की अर्थव्यवस्था में खनिज राजस्व की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि इस राजस्व में कमी आती है तो विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन पर दबाव बढ़ सकता है। इसके बावजूद सरकार ने मंईयां सम्मान योजना को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा पर जोर
सरकार का कहना है कि मंईयां सम्मान योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। नियमित राशि मिलने से लाभुक महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों के लिए आर्थिक रूप से कुछ हद तक सक्षम हो रही हैं।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं की गति को वित्तीय दबाव के कारण प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
अबुआ आवास समेत अन्य योजनाओं पर भी सरकार का फोकस
मंईयां सम्मान योजना के साथ झारखंड सरकार अबुआ आवास योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्राथमिकता देने की बात कहती रही है। सरकार का फोकस गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार का कहना है कि राज्य के संसाधनों और राजस्व से जुड़े अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ आम जनता के हितों की योजनाओं को भी जारी रखा जाएगा।
रक्षाबंधन से पहले महिलाओं को आर्थिक राहत
रक्षाबंधन के त्योहार से पहले ₹2,500 की राशि खातों में पहुंचने से लाभुक महिलाओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इसे महिला सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, राशि ट्रांसफर और लाभुकों की संख्या से जुड़े आंकड़े राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। लाभुक अपने बैंक खाते में राशि आने की स्थिति संबंधित बैंक या आधिकारिक योजना पोर्टल के माध्यम से जांच सकते हैं।



