New York Viral Video: मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भारतीय तिरंगे के कथित अपमान का वीडियो वायरल है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- देश का अपमान स्वीकार नहीं..
New York Viral Video: मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर तिरंगे के कथित अपमान पर भड़के किरेन रिजिजू…
नई दिल्ली। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे के कथित अपमान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), भारतीय जनता पार्टी (BJP) या सरकार की आलोचना करने की पूरी आजादी है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल वीडियो साझा करते हुए कहा कि किसी को भी RSS, BJP और सरकार की आलोचना करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक या वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। वीडियो में कथित तौर पर भारतीय तिरंगा उसके पैरों के आसपास लिपटा नजर आता है। ऐसा प्रतीत होता है कि तिरंगे के एक हिस्से को उसके जूतों के साथ लपेटा गया है।
वीडियो में कुछ अन्य लोगों की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है और कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक नारे सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो के पूरे संदर्भ की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना बाकी है।
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम के बीच सामने आया वीडियो
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एक कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में भागवत ने भारत की विविधता और एकता का उल्लेख करते हुए कहा कि एकता और विविधता भारतीयों के DNA में है। उन्होंने अमेरिका के संदर्भ में भी बहुलवाद यानी प्लूरलिज्म की चर्चा की।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
मोहन भागवत के कार्यक्रम के आसपास कथित प्रदर्शन और तिरंगे के अपमान से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे लेकर स्पष्ट किया कि राजनीतिक संगठनों या सरकार की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। वीडियो कब और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया, इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



