धनबाद में जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर आज MP-MLA कोर्ट में सुनवाई होगी। मामला बरवाअड्डा थाना हंगामे और पुलिस से धक्का-मुक्की से जुड़ा है..
Dhanbad News: डुमरी विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को धनबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होगी। मामला बरवाअड्डा थाना परिसर में कथित हंगामे, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और सरकारी काम में बाधा डालने से जुड़ा है।
धनबाद, 31 अगस्त 2026। सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को धनबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होगी।
सोमवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अग्रिम जमानत की अर्जी को सुनवाई के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। आरोपियों की ओर से वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई निर्धारित है।
जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR
यह मामला बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 से जुड़ा है। थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाने में जयराम महतो समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एफआईआर में जयराम महतो, सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य समर्थकों के नाम शामिल हैं।
गणेश दास की गिरफ्तारी के बाद थाना पहुंचे थे जयराम महतो
प्राथमिकी के अनुसार, एक मामले में गिरफ्तार गणेश दास को बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद जयराम महतो करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे थे।
पुलिस का आरोप है कि इस दौरान विधायक ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और समर्थकों से हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए कहा। इसके बाद कुछ समर्थक हाजत की ओर बढ़ने लगे। उन्हें रोकने के दौरान विधायक पर थाना प्रभारी को धक्का देने का आरोप लगाया गया है।
पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विधायक के साथ पहुंचे समर्थकों ने थाना प्रभारी के कार्यालय कक्ष में पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारा और वहां रखा पदनाम बोर्ड तोड़ दिया।
पुलिस ने आरोप लगाया है कि थाना परिसर में हुए हंगामे के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।
अदालत के फैसले पर टिकी नजर
मामले में अब जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को धनबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत आरोपियों को अग्रिम जमानत देती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
नोट: प्राथमिकी में लगाए गए आरोप पुलिस के कथन पर आधारित हैं। मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है।



