नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NEET परीक्षा विवाद को लेकर हुए छात्र आंदोलन से संबंधित मामलों में बड़ी राहत देते हुए देशभर में दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया। हालांकि, गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 लोगों की भूमिका की जांच के लिए अलग से कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का फैसला किया। यह मार्च इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक निकाला जाना था।
अनुच्छेद 142 के तहत FIR रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए NEET आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज FIR को रद्द किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है और इसे भविष्य के मामलों के लिए बाध्यकारी मिसाल नहीं माना जाएगा।
2,873 लोगों की भूमिका की होगी जांच
दिल्ली पुलिस ने पहले सुप्रीम कोर्ट में 13 FIR वापस लेने की मांग की थी। साथ ही पुलिस ने 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ एक अलग FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी थी, जिनकी गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि होने की बात सामने आई थी।
इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इनमें से किसी व्यक्ति की हिंसा, लोगों को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में भूमिका थी या नहीं।
5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च वापस
CJP ने सरकार की ओर से उठाए गए कदम और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के बाद 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को वापस लेने की घोषणा की। संगठन की ओर से कहा गया कि वह आगे भी सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों की निगरानी करता रहेगा।
20 जुलाई को हुआ था हिंसक टकराव
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुए आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी। संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की गई थीं।
चार राज्यों ने भी मांगी FIR वापसी
दिल्ली के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और असम ने भी जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इन राज्यों की ओर से कुल 116 FIR से जुड़े मामलों को लेकर राहत मांगी गई है।



