Nepal Tragedy: 1127 मौतें, 4000 से ज्यादा लापता… अब पुतलों का हो रहा अंतिम संस्कार, टूट गई अपनों के लौटने की आस

Nepal Tragedy: नेपाल में भीषण आपदा के बाद 1127 लोगों की मौत और 4000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। परिजन अब पुतले बनाकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। नेपाल त्रासदी: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के एक

Nepal Tragedy: नेपाल में भीषण आपदा के बाद 1127 लोगों की मौत और 4000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। परिजन अब पुतले बनाकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

नेपाल त्रासदी: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के एक सप्ताह बाद भी हजारों लोग लापता हैं। सरकारी स्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन समय बीतने के साथ लापता लोगों के परिवारों की उम्मीद कमजोर होती जा रही है। कई परिवार अब अपने लापता प्रियजनों को मृत मानकर उनके पुतले बनाकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

नेपाल में तबाही के बाद दर्दनाक तस्वीर

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार हजार से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों के परिजन लगातार अपने प्रियजनों की तलाश और उनके बारे में जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी जब बड़ी संख्या में लोगों का कोई पता नहीं चला, तो कुछ परिवारों ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार का सहारा लिया।

पुतलों का अंतिम संस्कार क्यों?

जिन परिवारों को अपने लापता परिजनों के शव नहीं मिल सके हैं, वे उनके प्रतीक के तौर पर पुतले तैयार कर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यह धार्मिक प्रक्रिया उनके प्रियजनों की आत्मा की शांति के लिए की जा रही है।

इन परिवारों के लिए यह अंतिम संस्कार अपनों को विदाई देने का एक भावनात्मक तरीका बन गया है, क्योंकि उन्हें यह तक पता नहीं है कि उनके प्रियजन कहां हैं।

बचाव दल ने नहीं छोड़ी उम्मीद

हालांकि हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, नेपाली सुरक्षाबल और बचाव दल अब भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। भारी मलबे, कीचड़ और खराब परिस्थितियों के कारण तलाशी अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी लापता लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि अभी उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

अज्ञात शवों की पहचान बनी बड़ी चुनौती

आपदा के बाद बरामद किए गए बड़ी संख्या में शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है। ऐसे मामलों में डीएनए सैंपल और अन्य जरूरी पहचान संबंधी साक्ष्य सुरक्षित किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक करीब 95 शवों की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंपा गया है। बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

नेपाल सरकार के मुताबिक, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल शवों के प्रबंधन और पहचान की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।

30 से अधिक देशों के नागरिक भी लापता

लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 से अधिक देशों के 800 से ज्यादा विदेशी नागरिक लापता हैं। इनमें नेपाल और चीन में मौजूद पर्यटक तथा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

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