JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: CBI जांच की मांग पर भाजपा का सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, सड़क पर उतरने की चेतावनी

Jharkhand JPSC-JSSC विवाद में भाजपा ने CBI जांच और छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग की है। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी। JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: CBI जांच की मांग, भाजपा का सरकार को 48 घंटे

Jharkhand JPSC-JSSC विवाद में भाजपा ने CBI जांच और छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग की है। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी।

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: CBI जांच की मांग, भाजपा का सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम

Jharkhand Politics: झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

भाजपा ने कथित परीक्षा धांधली की सीबीआई जांच कराने, छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेने और छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर छात्रों के साथ सड़क पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

JPSC-JSSC परीक्षाओं की CBI जांच की मांग

मुख्य सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने JPSC और JSSC की उन परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिन्हें कथित अनियमितताओं के कारण रद्द या स्थगित किया गया है। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जानी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों का भरोसा बहाल हो सके।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उनके मुताबिक, प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ी जैसी घटनाओं से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है।

छात्र आंदोलन में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

भाजपा ने छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी का दावा है कि झारखंडी छात्रों ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के खिलाफ करीब एक महीने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया।

ज्ञापन में भाजपा ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाना चाहिए।

झामुमो कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप

आदित्य साहू ने रांची, गिरिडीह, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ समेत कई जिलों में छात्रों के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में सत्ताधारी झामुमो से जुड़े लोगों की भूमिका रही है।

भाजपा ने ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

आयोग के अन्य सदस्यों और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

भाजपा ने ज्ञापन में आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर समान रूप से जिम्मेदार अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच और कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा पार्टी ने उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है, जिनके अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों पर परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई की गई है।

48 घंटे में मांग नहीं मानी तो आंदोलन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर सरकार ने छात्रों के हित में सकारात्मक पहल नहीं की, तो भाजपा छात्रों के साथ मिलकर सड़क पर आंदोलन करेगी।

उन्होंने सरकार पर छात्रों और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि छात्रों के साथ कथित हिंसा करने वाले सत्ताधारी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे मौजूद

मुख्य सचिव से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, सांसद बीडी राम, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल समेत कई विधायक और पार्टी नेता शामिल रहे।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.