धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान भवन में उन्हें सम्मानित किया। जानिए उनके नवाचारों के बारे में।
Dhanbad Teacher Award: मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
धनबाद, 5 सितंबर। धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
देशभर से चयनित 48 शिक्षकों में मुनमुन भट्टाचार्य का भी चयन हुआ था। पुरस्कार के रूप में उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल और 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
सरकारी स्कूल में नवाचार से बनाई अलग पहचान
मुनमुन भट्टाचार्य ने सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए। उनके प्रयासों ने बरमसिया के सरकारी स्कूल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने अपने काम के जरिए सरकारी स्कूलों को लेकर बनी पुरानी धारणा को बदलने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किया।
अंग्रेजी शिक्षिका के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया और उनके मन से अंग्रेजी भाषा के प्रति झिझक और डर दूर करने पर विशेष जोर दिया।
‘इंग्लिश अराउंड मी’ से बच्चों में बढ़ाया आत्मविश्वास
विद्यार्थियों की भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने के लिए मुनमुन भट्टाचार्य ने ‘इंग्लिश अराउंड मी’ नाम से विशेष गतिविधि शुरू की। इसके माध्यम से बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में अंग्रेजी शब्दों और वाक्यों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
उनका मानना है कि बेहतर शिक्षा के लिए केवल किताबों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। बच्चों में सीखने की इच्छा, आत्मविश्वास और अपनी बात व्यक्त करने की क्षमता विकसित करना भी उतना ही जरूरी है।
बरमसिया से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सफर
मुनमुन भट्टाचार्य के प्रयासों से विद्यार्थियों के सीखने के तरीकों में बदलाव आया और स्कूल की कार्यसंस्कृति को भी नई दिशा मिली। उनके नवाचार, समर्पण और लगातार किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।
धनबाद के बरमसिया से शुरू हुआ उनका सफर अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करना उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ धनबाद और झारखंड के लिए भी गौरव का विषय है।



