Jharkhand Minister Sudivya Kumar Sonu Death: झारखंड के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात हृदयाघात से निधन हो गया। CM हेमंत सोरेन ने जताया शोक।
गिरिडीह, 6 सितंबर। झारखंड की राजनीति को रविवार तड़के बड़ा झटका लगा। राज्य सरकार के मंत्री और गिरिडीह सदर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात हृदयाघात के बाद निधन हो गया। उन्हें तबीयत बिगड़ने के बाद गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से झारखंड के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है और उन्हें अपना करीबी सहयोगी एवं भाई समान बताया है।
रात में अचानक बिगड़ी तबीयत, मर्सी अस्पताल में निधन
जानकारी के अनुसार, सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह स्थित अपने आवास पर थे। रात में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें तत्काल मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें देर रात करीब 2 से 2:30 बजे अस्पताल लाया गया था और तड़के करीब 4 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया।
उनके निधन की खबर फैलते ही मर्सी अस्पताल के बाहर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई। गिरिडीह सहित पूरे झारखंड में शोक का माहौल है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया गहरा दुख
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें अपना करीबी सहयोगी और भाई समान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनू का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनके जाने से ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई मुश्किल है।
2019 में पहली बार बने थे गिरिडीह विधायक
सुदिव्य कुमार सोनू ने 2019 के विधानसभा चुनाव में गिरिडीह सदर सीट से पहली बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर जीत हासिल की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने।
सरकार में उन्हें कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी। इनमें नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभाग शामिल थे।
छात्र आंदोलन में भी निभाई अहम भूमिका
सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में गिना जाता था। हाल के छात्र आंदोलन के दौरान सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच संवाद स्थापित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई थी। उन्हें पार्टी और सरकार के स्तर पर एक प्रभावी रणनीतिकार के रूप में देखा जाता था।
JMM और सरकार के लिए बड़ी क्षति
सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन को झामुमो और राज्य सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक क्षति माना जा रहा है। वे गिरिडीह से लगातार दूसरी बार विधायक बने थे और सरकार में कई महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे थे।
उनके निधन से झारखंड की राजनीति में शोक की स्थिति है। पार्टी नेताओं और समर्थकों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।



