देवघर के गौरव कुमार की Yubi को GFF 2026 में PMO की चुनी आठ फिनटेक कंपनियों में जगह मिली। PM मोदी ने करीब 15 मिनट तक Yubi का प्रेजेंटेशन सुना।
GFF 2026: देवघर के गौरव कुमार ने PM मोदी के सामने दिया Yubi का प्रेजेंटेशन, जानें पूरी कहानी
देवघर, 9 सितंबर। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकलकर वैश्विक फिनटेक क्षेत्र में पहचान बनाने वाले कारोबारी गौरव कुमार की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गौरव कुमार की कंपनी Yubi (यूबी) का करीब 15 मिनट तक प्रेजेंटेशन सुना। PMO की ओर से चुनी गई आठ प्रमुख फिनटेक कंपनियों में Yubi को भी शामिल किया गया था।
Yubi के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कंपनी के AI आधारित क्रेडिट इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के हर हिस्से तक क्रेडिट की पहुंच बढ़ाने से जुड़े कामकाज के बारे में जानकारी ली।
देवघर से मुंबई और वैश्विक फिनटेक मंच तक का सफर
गौरव कुमार का देवघर से गहरा पारिवारिक जुड़ाव है। उनके पिता डॉ. सुधीर कुमार देवघर के जाने-माने चिकित्सकों में शामिल रहे हैं। चिकित्सा और शिक्षा के माहौल वाले परिवार से निकलकर गौरव ने वित्तीय तकनीक को अपना कार्यक्षेत्र बनाया।
देवघर और सारठ से जुड़े पारिवारिक रिश्तों के बीच पले-बढ़े गौरव ने आगे चलकर तकनीक और वित्तीय सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में काम किया। उनकी सफलता इस मायने में भी खास है कि छोटे शहर की पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय और वैश्विक फिनटेक बाजार में अपनी पहचान बनाई।
2020 में CredAvenue से शुरू हुआ सफर
गौरव कुमार के उद्यमशील सफर में 2020 महत्वपूर्ण वर्ष रहा। इसी दौरान CredAvenue की शुरुआत हुई। इसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से संस्थागत कर्ज और क्रेडिट बाजार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना था।
कंपनी ने कारोबारियों, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के बीच क्रेडिट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तकनीक के जरिए आसान बनाने पर काम किया। समय के साथ यह प्लेटफॉर्म व्यापक वित्तीय तकनीक समाधान की दिशा में आगे बढ़ा।
2022 में यूनिकॉर्न बना CredAvenue
मार्च 2022 में CredAvenue ने 137 मिलियन डॉलर की Series B फंडिंग जुटाई और करीब 1 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश किया। बाद में कंपनी का नाम बदलकर Yubi किया गया।
आज Yubi का काम डिजिटल लेंडिंग से आगे बढ़कर क्रेडिट इंफ्रास्ट्रक्चर, रिस्क, कलेक्शन, फिक्स्ड इनकम और AI आधारित वित्तीय तकनीक जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
Yubi का मौजूदा फोकस AI-powered infrastructure के माध्यम से क्रेडिट को अधिक सहज और व्यापक बनाने पर है। कंपनी के मुताबिक उसका प्लेटफॉर्म देश के सार्वजनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भी काम करता है।
GFF 2026 में PMO की चुनी आठ कंपनियों में Yubi
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में 8 से 11 सितंबर तक GFF 2026 का आयोजन किया जा रहा है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चुनिंदा फिनटेक कंपनियों के संस्थापकों और सीईओ से मुलाकात की।
इसी क्रम में Yubi के संस्थापक एवं CEO गौरव कुमार ने प्रधानमंत्री के सामने कंपनी के कामकाज और तकनीकी नवाचारों का प्रेजेंटेशन दिया। करीब 15 मिनट तक प्रेजेंटेशन सुना जाना गौरव कुमार और Yubi के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
Hurun की सूची में भी शामिल रहा Yubi
गौरव कुमार की कारोबारी सफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि IDFC FIRST Private और Hurun India की Top 200 Self-Made Entrepreneurs of the Millennia 2025 सूची में Yubi को 68वें स्थान पर रखा गया था।
इस सूची में Yubi का मूल्यांकन करीब 13,300 करोड़ रुपये बताया गया था और कंपनी के संस्थापक के रूप में गौरव कुमार का नाम दर्ज है। रिपोर्ट में Yubi की स्थापना 2020 और गौरव कुमार को Founder & CEO बताया गया है।
गौरव कुमार इससे पहले Vivriti Capital से भी जुड़े रहे हैं। 2024 की Hurun सूची में Yubi और Vivriti Capital दोनों का उल्लेख किया गया था।
छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा
देवघर और सारठ से जुड़ी अपनी जड़ों के कारण गौरव कुमार की सफलता स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। छोटे शहर से निकलकर टेक्नोलॉजी और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाना उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, जो अपने शहर से ही बड़े सपने देखने की शुरुआत करते हैं।
गौरव कुमार की यात्रा यह दिखाती है कि सही तकनीकी सोच, उद्यमशीलता और लगातार मेहनत के जरिए छोटे शहरों से निकले युवा भी राष्ट्रीय और वैश्विक कारोबारी मंच पर जगह बना सकते हैं।
कारोबार के साथ सामाजिक सरोकार
गौरव कुमार की उपलब्धियों को उनके सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने AIIMS देवघर में मरीजों की सुविधा के लिए बैटरी चालित वाहनों का सहयोग किया है। इसके अलावा आरके मिशन के दो छात्रों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता भी दी गई है।
उनके पिता डॉ. सुधीर कुमार के लिए प्रधानमंत्री के सामने बेटे को अपनी कंपनी का प्रेजेंटेशन देते देखना गर्व और भावुकता का क्षण रहा। उनका मानना है कि गौरव की उपलब्धि परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि देवघर और आसपास के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है।
देवघर की मिट्टी से वैश्विक फिनटेक तक
देवघर से शुरू हुआ गौरव कुमार का सफर आज मुंबई के बड़े कारोबारी मंच से होते हुए वैश्विक फिनटेक जगत तक पहुंच चुका है। GFF 2026 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने Yubi का प्रेजेंटेशन इस यात्रा का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
गौरव कुमार की कहानी यह संदेश देती है कि छोटे शहर की पृष्ठभूमि किसी बड़े सपने की सीमा नहीं होती। तकनीकी सोच, उद्यमशीलता और अवसर का सही इस्तेमाल कर छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।



