IRCTC Hotel Money Laundering Case में दिल्ली की अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लारा प्रोजेक्ट्स समेत 8 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
IRCTC Hotel Case: लालू यादव समेत 8 आरोपियों पर आरोप तय करने का आदेश, कोर्ट ने जताया पद के दुरुपयोग का संदेह…
नई दिल्ली: आईआरसीटीसी होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लारा प्रोजेक्ट्स समेत कुल आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में लालू प्रसाद यादव द्वारा अपने पद के दुरुपयोग किए जाने को लेकर गहरा संदेह भी जताया है।
अदालत के मुताबिक, लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे अधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर किया। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए रांची और पुणे में होटल लीज पर देने का रास्ता तैयार किया गया।
लालू यादव पर पद के दुरुपयोग का संदेह
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा संदेह है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे की निविदा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के जरिए होटल संचालन और रखरखाव से जुड़े ठेके देने की प्रक्रिया प्रभावित की गई।
यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के समय का है और बाद में इसी कथित लेन-देन से जुड़े आरोपों की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी हुई।
राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी आरोपी
इस मामले में लालू प्रसाद यादव के अलावा राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं। इसके साथ ही लारा प्रोजेक्ट्स सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया गया है।
अदालत ने मामले की जांच की प्रकृति, समय और प्रक्रिया को लेकर यह भी कहा कि जांच राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित होने की बात प्रथमदृष्टया स्वीकार नहीं की जा सकती।
क्या है IRCTC होटल घोटाला?
आईआरसीटीसी होटल मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। उस दौरान इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने पुरी और रांची के बीएनआर होटल के संचालन एवं रखरखाव का ठेका निजी कंपनियों को देने की प्रक्रिया शुरू की थी।
सीबीआई के आरोप के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर की गई ताकि सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को ठेका मिल सके।
होटल ठेके के बदले जमीन का क्या है आरोप?
जांच एजेंसियों का आरोप है कि होटल का ठेका मिलने के बाद उससे जुड़े लेन-देन में लालू परिवार से संबंधित एक कथित बेनामी कंपनी को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर जमीन हस्तांतरित की गई।
इसी कथित लेन-देन को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना गया है। बाद में इसी से जुड़े आरोपों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया।
अब आगे क्या होगा?
दिल्ली की अदालत के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ मामले में चार्ज फ्रेम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोप तय होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी दोषी साबित हो गए हैं। मामले में आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी और दोष या निर्दोषता का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
IRCTC होटल केस एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| मामला | IRCTC Hotel Money Laundering Case |
| प्रमुख आरोपी | लालू प्रसाद यादव |
| अन्य आरोपी | राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लारा प्रोजेक्ट्स समेत अन्य |
| लालू यादव का पद | तत्कालीन रेल मंत्री |
| आरोप | टेंडर प्रक्रिया में कथित हेरफेर और पद के दुरुपयोग |
| संबंधित होटल | रांची और पुरी के BNR होटल |
| जांच एजेंसी | CBI/ED से जुड़े मामले |
| अदालत का ताजा आदेश | आरोप तय करने का निर्देश |
नोट: अदालत द्वारा आरोप तय करने का आदेश आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे किसी आरोपी की दोषसिद्धि स्वतः साबित नहीं होती।



