BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन PM मोदी ने टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करने पर चिंता जताई। नई दिल्ली डेक्लरेशन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई।
BRICS Summit 2026: PM मोदी ने टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार बनाने पर जताई चिंता…
नई दिल्ली। BRICS समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की रणनीति से दुनिया की आर्थिक तरक्की और विकास की रफ्तार प्रभावित होती है। प्रधानमंत्री ने BRICS देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने और मजबूत व भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करने की अपील की।
महामारी और आपदाओं ने दुनिया की परस्पर निर्भरता दिखाई : PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया के सभी देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किसी एक हिस्से में आने वाला संकट दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था और आम लोगों को भी प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग और समन्वय बढ़ाना जरूरी है। BRICS देशों को ऐसी सप्लाई चेन तैयार करनी चाहिए, जो संकट के समय भी मजबूत और प्रभावी बनी रहे।
टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार बनाना गलत
PM मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिज संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने या हथियार की तरह करना सही नहीं है। इससे वैश्विक विकास, उद्योग और व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
उन्होंने BRICS देशों के बीच तकनीकी सहयोग, संसाधनों की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
भारत मंडपम में नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन

BRICS समिट के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं के ग्रुप फोटो सेशन के साथ हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए।
ग्रुप फोटो के दौरान तीनों नेताओं की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर खास ध्यान आकर्षित किया।
PM मोदी की 7 देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठक
समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, रणनीतिक सहयोग, वैश्विक चुनौतियों, सप्लाई चेन और आपसी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
समिट के पहले दिन आयोजित डिनर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को छोड़कर अन्य सभी विश्व नेता शामिल हुए।
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद समिट में शामिल होने के बाद अपने देश लौट गए थे। वहीं, PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे।
BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को दी मंजूरी
BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें आतंकवाद, वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर साझा रुख सामने रखा गया।

पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की बात कही।
घोषणापत्र में आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ कार्रवाई, आतंकवादी संगठनों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों पर सख्त कदम उठाने पर भी सहमति जताई गई।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच साझा बयान अहम
BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव जारी है। ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।
ऐसे में नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी मिलना BRICS देशों के बीच संवाद और साझा सहमति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
BRICS डेक्लरेशन की प्रमुख बातें
- पहलगाम आतंकी हमले की निंदा।
- आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई पर जोर।
- आतंकियों को पनाह देने वालों पर कार्रवाई की बात।
- आतंकवादी संगठनों की फंडिंग रोकने पर सहमति।
- सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कदम।
- वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर जोर।
- टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स के दुरुपयोग पर चिंता।
- BRICS देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील।



