रांची नगर निगम के करीब 125 दुकानदारों को कथित तौर पर गलत बकाया नोटिस भेजे गए हैं। किरायेदार संघ ने नगर आयुक्त से नोटिस निरस्त करने और रिकॉर्ड सत्यापन की मांग की।
Ranchi Municipal Corporation Notice: सवा सौ दुकानदारों को गलत नोटिस, किरायेदार संघ ने निरस्त करने की मांग…
रांची: रांची नगर निगम की किराया वसूली और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में कथित लापरवाही को लेकर रांची नगर निगम किरायेदार संघ ने विरोध जताया है। संघ के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर करीब 125 दुकानदारों को भेजे गए गलत बकाया नोटिस तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
बिना रिकॉर्ड सत्यापन के जारी किए गए नोटिस
किरायेदार संघ के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि अपर बाजार समेत नगर निगम क्षेत्र के लगभग सवा सौ दुकानदारों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 तक का पूरा किराया अग्रिम रूप से जमा कर दिया है। इसके बावजूद निगम के राजस्व विभाग की ओर से कई दुकानदारों को बकाया किराया जमा करने का नोटिस भेज दिया गया।
संघ का आरोप है कि नोटिस जारी करने से पहले निगम के राजस्व रिकॉर्ड और दुकानदारों की भुगतान रसीदों का मिलान नहीं किया गया। एक ही प्रक्रिया के तहत थोक में नोटिस जारी किए जाने से नियमित रूप से किराया जमा करने वाले व्यापारियों में नाराजगी है।
किरायेदार संघ ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
मुकेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। संघ ने कहा कि जिन दुकानदारों का किराया पहले से जमा है, उन्हें बकाया वसूली का नोटिस भेजना अनुचित है। इससे व्यापारियों को अनावश्यक प्रशासनिक परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
संघ की प्रमुख मांगें
रांची नगर निगम किरायेदार संघ ने नगर आयुक्त के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- बिना जांच और रिकॉर्ड सत्यापन के जारी किए गए सभी गलत नोटिस तत्काल निरस्त किए जाएं।
- निगम के डेटाबेस और राजस्व रिकॉर्ड का दुकानदारों की भुगतान रसीदों से मिलान कराया जाए।
- नियमित रूप से किराया जमा करने वाले दुकानदारों को अनावश्यक प्रशासनिक और मानसिक परेशानी से राहत दी जाए।
- बिना सत्यापन के थोक में नोटिस जारी करने वाले संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
रिकॉर्ड मिलान के बाद ही हो कार्रवाई
संघ ने मांग की है कि निगम पहले अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करे और दुकानदारों से जमा किराये की रसीदों का सत्यापन करे। इसके बाद ही वास्तविक बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संघ का कहना है कि भुगतान कर चुके व्यापारियों को गलत नोटिस भेजने के बजाय निगम को अपनी राजस्व वसूली व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।



