रांची के गुदड़ी चौक पर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। 5 JCB बिना कार्रवाई वापस लौटीं। जानें क्या है पूरा मामला।
रांची: राजधानी रांची के वार्ड नंबर-16 स्थित आजाद बस्ती के गुदड़ी चौक पर शनिवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची रांची नगर निगम की टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। नगर निगम की टीम करीब 5 जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची थी। स्थानीय नागरिकों और पार्षद के विरोध के बाद निगम की टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की भी तैनाती की गई। स्थानीय प्रतिनिधियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि पहले दुकानदारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
19.3 डिसमिल जमीन पर कार्रवाई की थी तैयारी
जानकारी के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय से जारी आदेश के आधार पर गुदड़ी चौक स्थित करीब 19.3 डिसमिल जमीन पर बने पुराने ढांचे को हटाने की तैयारी की गई थी। प्रशासन की ओर से इस ढांचे को अवैध बूचड़खाना बताए जाने की बात सामने आई है।
नगर निगम की ओर से इस स्थल पर सामुदायिक भवन और केंद्र सरकार की आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की योजना बताई गई है। कार्रवाई से पहले निगम की ओर से स्थल पर नोटिस भी चस्पा किया गया था।
पार्षद और स्थानीय लोगों ने JCB का रास्ता रोका
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही वार्ड नंबर-16 की पार्षद संजू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जेसीबी मशीनों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से फल, सब्जी और अन्य छोटे दुकानदार कारोबार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानों को हटाने की कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
पार्षद ने कहा- पहले दुकानदारों को मिले वैकल्पिक व्यवस्था
पार्षद संजू ने नगर निगम प्रशासन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कार्रवाई शुरू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को हटाने से पहले उन्हें वैकल्पिक दुकान या पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
पार्षद के मुताबिक, इस मामले को मुख्यमंत्री सचिवालय तक भी पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक दुकानदारों के पुनर्वास और आवंटन से जुड़ी व्यवस्था नहीं होती, तब तक कार्रवाई का विरोध जारी रहेगा।
स्थानीय कुरैशी समाज ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
स्थानीय कुरैशी समाज के नायब सदर हाजी मोहम्मद तौफीक कुरैशी ने भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि गुदड़ी चौक पर मौजूद पुराने ढांचे को अवैध बूचड़खाना बताया जाना सही नहीं है।
उनका कहना है कि वास्तविक स्लॉटर हाउस कांटाटोली क्षेत्र में करीब एक एकड़ जमीन पर था, जहां वर्ष 2005 तक नीलामी की प्रक्रिया होती थी। उन्होंने दावा किया कि गुदड़ी चौक की दुकानें नगर निगम के पुराने स्टॉल हैं।
हालांकि, इस संबंध में प्रशासन और नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
विरोध के बाद वापस लौटी नगर निगम की टीम
स्थानीय लोगों के विरोध और मौके की स्थिति को देखते हुए नगर निगम की टीम ने कार्रवाई रोक दी। इसके बाद नगर निगम की पांचों जेसीबी मशीनों को वापस भेज दिया गया।
क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
दुकानदारों के पुनर्वास की मांग
स्थानीय प्रतिनिधियों और दुकानदारों का कहना है कि किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले उनके लिए वैकल्पिक दुकान, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका कहना है कि वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे दुकानदारों को अचानक हटाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
वहीं, नगर निगम की प्रस्तावित योजना के तहत इस स्थल पर सामुदायिक भवन और स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किए जाने की बात कही गई है। अब इस मामले में प्रशासन और नगर निगम के अगले कदम पर सभी की नजर है।



