करम पूजा 2026 पर गीतकार विजय प्रभाकर ने चार नए नागपुरी गीत लिखे हैं। जानिए करम करम, आलयं करम राजा समेत चारों गीतों की खासियत।
रांची: झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रसिद्ध गीतकार विजय प्रभाकर ने करम पूजा 2026 के लिए चार नए गीत लिखे हैं। इन गीतों के जरिए करम पर्व की परंपरा, आस्था, लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत को संगीत के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
गीतकार विजय प्रभाकर ने कहा कि करम पूजा झारखंड की सदियों पुरानी लोक परंपरा है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति ही हमारी पहचान और गौरव है। इसी उद्देश्य से वह हर वर्ष करम पूजा के अवसर पर नए गीतों की रचना करते हैं, ताकि लोक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
करम पूजा पर चार नए गीत
इस वर्ष विजय प्रभाकर द्वारा लिखे गए चार गीत अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले प्रस्तुत किए गए हैं।
1. ‘करम करम’
‘करम करम’ गीत माँ तारा रिकॉर्ड्स नागपुरी के बैनर तले प्रस्तुत किया गया है। इसे पवन रॉय और ज्योति साहू ने गाया है। गीत का संगीत बंटी स्टूडियो ने दिया है। इसमें आकाश नायक और प्रिया खेस कलाकार हैं। इसके निर्देशक डीजे पवन और निर्माता अनंत कुमार हैं।
2. ‘आलयं करम राजा’
‘आलयं करम राजा’ एएस प्रोडक्शन की प्रस्तुति है। इस गीत को बीगन भोक्ता और सुमन गुप्ता ने आवाज दी है। संगीत बंटी स्टूडियो का है। गीत में अमित कुमार सिंह और संध्या रानी ने अभिनय किया है। इसके निर्देशक सनी मंडल और निर्माता अमित कुमार सिंह हैं।
3. ‘भादो कर एकादशी’
‘भादो कर एकादशी’ एचएनवी प्रोडक्शन की प्रस्तुति है। गीत के गायक पवन रॉय और ज्योति साहू हैं, जबकि संगीत बबलू स्टूडियो ने दिया है। इसमें हुसैन अंसारी कलाकार हैं। इसके निर्देशक आकाश नायक तथा निर्माता हुसैन अंसारी और श्रुति हैं।
4. ‘भादो कर एकादशी आलय करम दिन’
‘भादो कर एकादशी आलय करम दिन’ श्री वीडियो की प्रस्तुति है। इसके गीतकार विजय प्रभाकर, गायक सुमन गुप्ता और संगीतकार बंटी स्टूडियो हैं। इसमें संध्या रानी ने अभिनय किया है। इसके निर्माता और निर्देशक सनी मंडल हैं।
लोक संस्कृति को संगीत के जरिए सहेजने की पहल
विजय प्रभाकर ने कहा कि इन गीतों का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि झारखंड की लोक परंपरा, नागपुरी भाषा और सांस्कृतिक विरासत को संगीत के माध्यम से संरक्षित करना भी है। करम पूजा जैसे पारंपरिक पर्वों से जुड़े गीत नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
करम पूजा 2026 के अवसर पर जारी किए गए ये नए गीत झारखंड की लोक परंपरा और संगीत को नए अंदाज में लोगों तक पहुंचाने की पहल हैं।



