रांची: साइबर ठग अब चालान के नाम पर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के तिरिल आश्रम निवासी 29 वर्षीय युवक से कथित तौर पर 3.99 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़ित के अनुसार, उसके एक करीबी मित्र के WhatsApp नंबर से उसे एक मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज में बताया गया था कि उसके नाम से चालान है और इसकी जानकारी देखने के लिए एक ऐप खोलना होगा। पीड़ित ने मैसेज में दिए गए लिंक के जरिए ऐप खोला। इसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से लगातार तीन ट्रांजेक्शन के जरिए बड़ी रकम की निकासी हो गई।
तीन ट्रांजेक्शन में निकाले गए 3.99 लाख रुपये
प्राथमिकी के अनुसार, साइबर ठगी के दौरान क्रेडिट कार्ड से पहली बार 1.75 लाख रुपये, दूसरी बार 1.75 लाख रुपये और तीसरी बार 49 हजार रुपये की निकासी हुई। कुल मिलाकर 3.99 लाख रुपये की रकम निकाली गई।
ऐप खोलते ही शुरू हो गया ट्रांजेक्शन
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि चालान से संबंधित जानकारी देखने के लिए उसे ऐप खोलने को कहा गया था। जैसे ही उसने ऐप खोला, उसके क्रेडिट कार्ड से लगातार तीन ट्रांजेक्शन हो गए। खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद उसे शिकायत संख्या भी उपलब्ध कराई गई। इसके बाद साइबर क्राइम थाना रांची में लिखित शिकायत देकर रकम की निकासी और कथित फर्जी ट्रांजेक्शन की जांच की मांग की गई।
लिंक और ट्रांजेक्शन की जांच में जुटी साइबर पुलिस
शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ट्रांजेक्शन की जानकारी, संबंधित खातों और WhatsApp के जरिए भेजे गए लिंक की जांच कर रही है। साथ ही ठगी की रकम को ट्रेस करने और इस मामले में शामिल आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच अनजान लिंक, ऐप या मैसेज खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। खासकर चालान, बैंक, केवाईसी या अन्य जरूरी दस्तावेजों के नाम पर भेजे गए लिंक पर बिना पुष्टि के क्लिक करने से बचना चाहिए।


