SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी याचिकाएं

SIR विवाद के बीच कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी SIR से जुड़ी याचिकाएं दाखिल हुई हैं… नई दिल्ली, 25 सितंबर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को

SIR विवाद के बीच कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी SIR से जुड़ी याचिकाएं दाखिल हुई हैं…

नई दिल्ली, 25 सितंबर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश इकाइयों से राज्य निर्वाचन आयोगों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने को कहा है। देहरादून में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जबकि पटना में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

CJP ने भी दी 48 घंटे की समयसीमा

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। संगठन ने गुरुवार को उन्हें 48 घंटे की समयसीमा देते हुए कहा था कि इस्तीफा नहीं देने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान शुरू करने की घोषणा भी की है।

सुप्रीम कोर्ट में SIR को लेकर याचिका

SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग में लिए गए कुछ फैसले और SIR से संबंधित दिशानिर्देश एवं सॉफ्टवेयर में बदलाव अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना किए गए। याचिकाकर्ता ने इन फैसलों को असंवैधानिक घोषित करने तथा SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले की SIT जांच की मांग की है।

याचिका में करीब 13 करोड़ मतदाताओं से संबंधित प्रक्रिया की भी जांच की मांग का उल्लेख है। हालांकि ये सभी मांगें याचिकाकर्ता की ओर से की गई हैं और इन पर न्यायिक निर्णय होना बाकी है।

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का मुद्दा

पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट भी है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 मौकों पर आपत्ति दर्ज की थी। इन रिपोर्टेड आपत्तियों में मतदाता सूची के डेटा और संबंधित प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

वहीं, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार-विमर्श होना उसकी प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट में 14 आदेशों को चुनौती

महाराष्ट्र में SIR को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर पीठ के समक्ष भी याचिका दाखिल की गई है। इसमें CEC ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग से जुड़े SIR के दौरान जारी 14 प्रशासनिक आदेशों को चुनौती दी गई है।

याचिका में महाराष्ट्र की मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने, SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने और संबंधित आदेशों को रद्द करने जैसी मांगें की गई हैं। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि इन आदेशों पर अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां दर्ज थीं।

फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक दलों के विरोध, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों और अदालतों में दाखिल याचिकाओं के कारण मामला चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं पर आगे की न्यायिक कार्यवाही से इस मामले में स्थिति स्पष्ट होगी।

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