SIR विवाद के बीच कांग्रेस CWC की बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग की गई। राहुल गांधी और खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने अपने तेवर तेज कर दिए हैं। मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
बैठक में राहुल गांधी ने चुनाव व्यवस्था और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के चुनावों में EVM और मतदाता सूची का गलत इस्तेमाल किया गया। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता और चुनावी प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कहता रहा है।
CWC ने रखीं कई मांगें
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अपने प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही पार्टी ने SIR प्रक्रिया तत्काल रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग रखी।
कांग्रेस का दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ से अधिक नाम प्रभावित हुए हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नियमों के तहत अयोग्य, स्थानांतरित, मृत या अन्य श्रेणियों के नामों की जांच की जा रही है।
खड़गे ने CEC पर लगाए आरोप
CWC बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए मतदाता सूची में बदलाव और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े नियमों पर आपत्ति जताई।
कांग्रेस ने कहा है कि वह SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाएगी और देशभर में प्रदर्शन भी करेगी।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
इस पूरे विवाद के बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में SIR, Form 6 और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से आंतरिक मतभेदों को संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। आयोग ने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को कानूनी प्रावधानों के तहत किए जाने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा
SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। याचिका में CEC के नेतृत्व में लिए गए कुछ फैसलों पर सवाल उठाते हुए करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे की जांच की मांग की गई है।
4 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान
इसी विवाद के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (UBT) ने 4 अक्टूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की है। विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में बदलाव के मुद्दे पर आगे की रणनीति भी तैयार कर रहे हैं।
इस बीच कांग्रेस के बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी।



