SIR पूरा होने वाले राज्यों में Form 6 से अतिरिक्त घोषणा हटाई गई, जानिए वोटर रजिस्ट्रेशन में क्या बदला

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने उन राज्यों में ऑनलाइन Form 6 से SIR (Special Intensive Revision) से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया है, जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह बदलाव ECINET पोर्टल और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइटों

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने उन राज्यों में ऑनलाइन Form 6 से SIR (Special Intensive Revision) से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया है, जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह बदलाव ECINET पोर्टल और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइटों पर किया गया है। अब ऐसे राज्यों में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण या नाम दोबारा जुड़वाने के लिए केवल वैधानिक Form 6 भरना होगा।

SIR जारी रहने वाले राज्यों में यह अतिरिक्त घोषणा-पत्र फिलहाल लागू है। पहले ऑनलाइन Form 6 में आवेदक से यह जानकारी मांगी जा रही थी कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में था या नहीं।

Form 6 में क्या बदलाव हुआ?

SIR पूरा हो चुके राज्यों में Form 6 से SIR संबंधी अतिरिक्त हिस्सा हटा दिया गया है। इसका मतलब है कि आवेदकों को Form 6 भरते समय पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी यह अतिरिक्त घोषणा देने की जरूरत नहीं होगी।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि मतदाता पंजीकरण की जांच प्रक्रिया खत्म हो गई है। पात्रता और Form 6 की सामान्य वैधानिक प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।

5 सवाल-जवाब में समझें बदलाव

1. SIR में नाम छूट गया है तो दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम बताना होगा?

नहीं। जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां Form 6 से SIR वाला अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। इसलिए इस अतिरिक्त हिस्से में 2003 की मतदाता सूची में स्वयं या माता-पिता के नाम से जुड़ी जानकारी देना जरूरी नहीं होगा।

2. क्या SIR में नाम छूटने के बाद बिना जांच के नाम वापस जुड़ जाएगा?

नहीं। अतिरिक्त घोषणा हटने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता पंजीकरण की जांच समाप्त हो गई है। Form 6 के तहत पात्रता और अन्य जरूरी विवरणों की सामान्य जांच जारी रहेगी।

3. पहली बार वोटर बनने वालों को क्या फायदा होगा?

पहली बार मतदाता बनने वाले आवेदकों को भी SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा नहीं भरनी होगी, जहां SIR पूरा हो चुका है। इससे Form 6 की प्रक्रिया में एक अतिरिक्त चरण कम हो जाएगा।

4. क्या 2003 की मतदाता सूची की जरूरत अब नहीं रहेगी?

ऐसा नहीं है। पुरानी मतदाता सूची SIR से संबंधित रिकॉर्ड की जांच और मिलान में उपयोग की जा सकती है। बदलाव केवल Form 6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को लेकर है।

5. बदलाव का सीधा असर किन लोगों पर पड़ेगा?

मुख्य रूप से दो वर्गों को इससे Form 6 भरने में राहत मिलेगी—SIR के दौरान जिन लोगों का नाम छूट गया है और पहली बार मतदाता बनने वाले लोग। SIR पूरा हो चुके राज्यों में दोनों को अतिरिक्त SIR घोषणा-पत्र नहीं भरना होगा।

Form 6 में बदलाव पर दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन Form 6 में SIR से जुड़ा अतिरिक्त हिस्सा जोड़ने पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने सवाल उठाया था कि वैधानिक Form 6 में बदलाव के लिए संबंधित नियमों में संशोधन की जरूरत है।

बाद में चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में इस अतिरिक्त घोषणा को हटाने का फैसला किया। यह निर्णय 26 सितंबर की पूर्ण आयोग बैठक के बाद लागू किया गया।

SIR जारी रहने वाले राज्यों में क्या स्थिति है?

जहां SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां ऑनलाइन Form 6 में SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा फिलहाल दिखाई दे सकती है। चुनाव आयोग के इस बदलाव का दायरा उन राज्यों तक है जहां SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

इसलिए Form 6 भरने वाले आवेदकों को अपने राज्य की मौजूदा ऑनलाइन प्रक्रिया और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशों को देखना जरूरी है।

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