नागोया (जापान)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम स्वर्ण पदक से सिर्फ एक कदम दूर है। फाइनल में भारत का सामना गत चैंपियन चीन से होगा।
पूल चरण में भारत का दमदार प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम ने पूल चरण में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0, इंडोनेशिया को 17-1, थाईलैंड को 20-1, जापान को 3-1 और सिंगापुर को 7-0 से हराया।
पूल चरण में भारत ने पांच मैचों में 66 गोल किए और सिर्फ तीन गोल खाए, जिससे टीम का गोल अंतर +63 रहा।
सेमीफाइनल में इशिका और सलीमा टेटे ने दागे गोल
दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शुरुआती दो क्वार्टर में भारत को गोल नहीं मिल सका। हालांकि टीम ने लगातार दबाव बनाए रखा। 44वें मिनट में इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की शानदार वैरिएशन पर गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।
इसके बाद कप्तान सलीमा टेटे ने 48वें मिनट में शानदार ओवरलैपिंग रन को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने दक्षिण कोरिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और क्लीन शीट के साथ फाइनल में जगह पक्की की।
फाइनल में चीन से होगा मुकाबला
सेमीफाइनल के दूसरे मुकाबले में चीन ने मेजबान जापान को निर्धारित समय तक 0-0 से बराबरी पर रहने के बाद शूटआउट में 4-2 से हराया। अब 2 अक्टूबर को भारत और चीन के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला होगा।
1982 के बाद गोल्ड का इंतजार
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद टीम को इस खिताब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भारत ने 1986, 2006 और 2010 में कांस्य पदक जीते, लेकिन 1982 के बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक नहीं जीत सका।
अब 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचकर भारतीय टीम के पास उस लंबे अंतराल के बाद फिर से स्वर्ण पदक जीतने का मौका है। फाइनल में टीम चीन के खिलाफ उतरेगी।



