पूर्वी सिंहभूम, 2 अक्टूबर: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में जमशेदपुर की टाटा आर्चरी एकेडमी (टीएए) की तीरंदाज अंकिता भकत ने भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शुक्रवार को फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह एशियन गेम्स के महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
ओकाजाकी में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला किया। शुरुआती सेटों के बाद मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन तीसरे सेट में भारत ने 55-52 से बढ़त बनाकर महत्वपूर्ण दो सेट अंक हासिल किए। निर्णायक दौर में भारतीय तीरंदाजों ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और 5-3 से मुकाबला जीतकर इतिहास रच दिया।
दक्षिण कोरिया का सात स्वर्ण का सिलसिला टूटा
भारत की इस जीत के साथ महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया का लगातार सात एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीतने का सिलसिला टूट गया। दक्षिण कोरिया ने 1998 से इस स्पर्धा में हर संस्करण में स्वर्ण पदक जीता था।
टाटा आर्चरी एकेडमी से अंतरराष्ट्रीय मुकाम तक पहुंचीं अंकिता
कोलकाता की रहने वाली अंकिता भकत 2014 में महज 16 वर्ष की उम्र में जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी एकेडमी से जुड़ी थीं। यहां उन्होंने रिकर्व तीरंदाजी का प्रशिक्षण लिया और अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में अपनी प्रतिभा को निखारा। टाटा की जानकारी के अनुसार, अंकिता 2023 एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला रिकर्व टीम के साथ कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
2026 के एशियन गेम्स में उसी स्पर्धा में उन्होंने टीम के साथ भारत को स्वर्ण दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद टाटा आर्चरी एकेडमी और टाटा स्टील में खुशी का माहौल है।
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम ने अंकिता और पूरी भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लंबे समय से किए जा रहे प्रशिक्षण, अनुशासन और मजबूत खेल व्यवस्था का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अंकिता भकत, कुमकुम मोहोड और कीर्ति को भारत के महिला रिकर्व टीम इवेंट में पहले एशियन गेम्स स्वर्ण के लिए बधाई दी।



