रांची में दुर्गा पूजा की तैयारियां तेज, 300 से 400 सदस्य संभालेंगे सुरक्षा और सेवा की जिम्मेदारी

लगातार पांचवीं बैठक में पूजा व्यवस्था पर मंथन, जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर रांची, 4 अक्टूबर। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और सेवा-सुरक्षा व्यवस्था को

लगातार पांचवीं बैठक में पूजा व्यवस्था पर मंथन, जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर

रांची, 4 अक्टूबर। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और सेवा-सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं। इसी क्रम में आयोजित पांचवीं बैठक में पूजा से जुड़ी समस्याओं, उनके समाधान और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान करीब 300 से 400 सदस्य अलग-अलग पूजा पंडालों और क्षेत्रों में सेवा एवं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये सदस्य पूजा के चारों दिनों के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे और विसर्जन तक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करेंगे।

37 वर्षों से जारी है सेवा अभियान

आयोजकों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सेवा का यह अभियान लगातार 37 वर्षों से जारी है। इस वर्ष भी पूजा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और भक्तों को आवश्यक सहयोग मिल सके, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है।

सेवा कार्य में शामिल होने वाले सदस्यों के नाम, फोटो और पहचान से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सभी सदस्यों को उनके संबंधित क्षेत्रों और पूजा पंडालों में जिम्मेदारी दी जाएगी।

जिला प्रशासन के साथ समन्वय पर जोर

बैठक में पूजा से संबंधित समस्याओं के समाधान के साथ-साथ जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। आयोजकों का कहना है कि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में सेवा दल और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से व्यवस्था को सुचारू रखने में मदद मिलेगी।

विसर्जन तक व्यवस्था संभालने की तैयारी

पूरे आयोजन के दौरान सेवा दल के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। उनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ पूजा और विसर्जन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहयोग करना है।

आयोजकों के मुताबिक, मुख्य कार्यालय का उद्घाटन प्रयागराज में होगा, जबकि रांची समेत संबंधित क्षेत्रों में सदस्य अपने स्तर पर सेवा कार्य संभालेंगे। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पूरी व्यवस्था को सुचारू रखने की तैयारी की जा रही है।

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