रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज के साथ छींटे, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटे का मौसम
बीते 24 घंटों में सबसे अधिक 23.6 मिमी वर्षा दुमका के महारो क्षेत्र में दर्ज की गई। वहीं राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस सरायकेला में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज हुआ। अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
क्यों सक्रिय हुआ मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल जैसलमेर से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, देहरी, मालदा होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी बिहार तक एक अन्य ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसी मौसमी तंत्र के कारण झारखंड में लगातार बादल छाए रहने और बारिश की स्थिति बनी हुई है।
1 से 7 अगस्त तक मौसम का पूर्वानुमान
- 1 से 4 अगस्त: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना।
- 5 अगस्त: कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी और मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
- 6 और 7 अगस्त: राज्य के कई इलाकों में लगातार बारिश और बादल छाए रहने की संभावना।
वज्रपात और भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 1 से 4 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
5 अगस्त को हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो और धनबाद जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
रांची का मौसम (1 से 7 अगस्त)
- 1 अगस्त: बादल छाए रहेंगे, दो या अधिक बार हल्की से मध्यम बारिश। अधिकतम 32°C और न्यूनतम 23°C।
- 2 अगस्त: हल्की से मध्यम बारिश, अधिकतम 31°C और न्यूनतम 23°C।
- 3-4 अगस्त: लगातार बादल और कई दौर की बारिश। अधिकतम 30°C, न्यूनतम 23°C।
- 5 अगस्त: मध्यम बारिश की संभावना। अधिकतम 29°C और न्यूनतम 23°C।
- 6-7 अगस्त: बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना।
लोगों के लिए सलाह
- खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
- वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहें।
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।
- किसानों और यात्रियों को मौसम को देखते हुए अपनी योजना बनानी चाहिए।



