रामगढ़, 15 अक्टूबर 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के तहत पारंपरिक रस्में निभाईं। रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर मुख्यमंत्री ने परिवार और समाज की परंपराओं के अनुसार आवश्यक धार्मिक संस्कार पूरे किए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां की स्मृति में प्रतिदिन की तरह दातून, पानी और भोजन अर्पित करने की पारंपरिक रस्म निभाई। इस दौरान उन्होंने परिवारजनों के साथ रीति-रिवाजों का पालन करते हुए श्राद्धकर्म से जुड़े संस्कार संपन्न किए।

नेमरा स्थित पैतृक आवास पर निभाईं रस्में
मुख्यमंत्री का नेमरा गांव से पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। मां रूपी सोरेन के निधन के बाद श्राद्धकर्म के तहत वे पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं।
गुरुवार को भी उन्होंने अपने पैतृक आवास पर मां की स्मृति में निर्धारित रस्में पूरी कीं। इस दौरान परिवार की परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ श्राद्धकर्म
श्राद्धकर्म भारतीय परंपरा में दिवंगत परिजनों के प्रति श्रद्धा और स्मरण व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी दिवंगत मां की स्मृति में पारंपरिक विधियों का पालन किया।
नेमरा स्थित पैतृक आवास पर संपन्न हुए इन संस्कारों के माध्यम से उन्होंने पारिवारिक परंपराओं और मान्यताओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।



