नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जनसुनवाई के दौरान वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और आम लोगों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन अब देश के लोगों को भी समझ आने लगा है कि कथित तौर पर ‘टॉप लेवल से वोट चोरी’ की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी बोले- CEC सवालों का जवाब नहीं देते
दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-20 में हुई जनसुनवाई में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने चुनाव आयोग से कई सवाल किए, लेकिन उनका जवाब नहीं दिया जा रहा है।
राहुल ने जनसुनवाई में सामने आए मामलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि सिर्फ चार बूथों पर 416 वोटरों के नाम कथित रूप से गलत तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
1 नवंबर को दिल्ली में ‘दिल्ली चलो’ मार्च
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।
विपक्ष की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली में ‘दिल्ली चलो’ मार्च निकालने की घोषणा की गई है। इसके बाद रामलीला मैदान में जनसभा प्रस्तावित है। कांग्रेस के मुताबिक इस प्रदर्शन में विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
30 अक्टूबर को भी विरोध की तैयारी
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर को विरोध कार्यक्रम की योजना बनाई है। पार्टी SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है।
वहीं, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली की अनुमति रद्द नहीं की गई है। पहले दी गई अनुमति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
INDIA ब्लॉक लगातार उठा रहा SIR का मुद्दा
INDIA ब्लॉक के नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित तौर पर वोटरों के नाम हटाए जाने के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि हर नागरिक के वोट देने के अधिकार से जुड़ा मामला है। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर आंदोलन जारी रखने की अपील की।
व्यापारियों ने रैली टालने की मांग की
इसी बीच दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली को टालने की मांग की है। संगठन ने राहुल गांधी से अपील की है कि दिवाली के बाद 10 नवंबर को रैली आयोजित की जाए।
व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के समय दिल्ली में बड़े राजनीतिक कार्यक्रम से कारोबार और बाजार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, विपक्ष की ओर से अभी 1 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर अपना रुख कायम रखा गया है।
SIR क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण) मतदाता सूची के सत्यापन और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और अधिक सटीक बनाना है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार विवाद जारी है।



