रांची, 27 अक्टूबर: झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने दोनों को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले जेसोवा दिवाली मेले में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
जेसोवा की ओर से आयोजित यह पांच दिवसीय मेला 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा। मेले में देश के अलग-अलग राज्यों के कारीगरों, उद्यमियों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी।
300 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे
आयोजकों के अनुसार, इस बार जेसोवा दिवाली मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां ग्राहकों को पारंपरिक परिधान, फैशन से जुड़े उत्पाद, हस्तशिल्प, सजावटी सामान और घर की साज-सज्जा से संबंधित वस्तुएं उपलब्ध होंगी।
मेले में विभिन्न राज्यों के उत्पादों के साथ स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिलेगा।
स्वदेशी उत्पादों और महिला उद्यमियों को बढ़ावा
जेसोवा दिवाली मेले का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और छोटे कारोबारियों एवं स्थानीय कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराना है। इसके जरिए महिला समूहों और ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलने की उम्मीद है।
मेले में खरीदारी के साथ कला, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री को जेसोवा की सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जेसोवा की ओर से संचालित सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों और विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल में जेसोवा की अध्यक्ष प्रीति कुमारी, उपाध्यक्ष अनीता सिंह, सचिव मनु झा, संयुक्त सचिव श्वेता शुक्ला, कोषाध्यक्ष शिवानी सिंह तथा कार्यकारिणी समिति की सदस्य रंजना कुमार और दिव्या श्री शामिल थीं।
रांची में दिवाली खरीदारी का प्रमुख केंद्र बनेगा मोरहाबादी मैदान
29 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस मेले के जरिए राजधानी रांची में दिवाली की खरीदारी के लिए लोगों को अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक और हस्तनिर्मित उत्पाद एक ही जगह उपलब्ध होंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचकर स्थानीय कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों के उत्पाद खरीदेंगे।


