रांची: रांची के अपर बाजार के व्यापारियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रांची नगर निगम (RMC) द्वारा ट्रेड लाइसेंस रद्द करने और नियम विरुद्ध दुकान संचालन का हवाला देते हुए जारी नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नगर निगम की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस फैसले से प्रभावित छह दुकानदारों के साथ-साथ पूरे व्यापारिक समुदाय में राहत की लहर है।

छह दुकानदारों को मिली अंतरिम राहत
नगर निगम द्वारा अपर बाजार के छह दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस रद्द करने और कार्रवाई संबंधी नोटिस जारी किए गए थे। इसके खिलाफ व्यापारियों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद नगर निगम की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
व्यापारियों ने फैसले का किया स्वागत
रांची नगर निगम दुकानदार संघ के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब अधिक से अधिक व्यापारियों को एकजुट होकर अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि अपर बाजार से जुड़े इस विवाद का स्थायी समाधान जल्द निकाला जाए, ताकि भविष्य में व्यापारियों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
“अब किसी दुकान को सील नहीं किया जाएगा”
मुकेश अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद अपर बाजार की किसी भी दुकान को सील करने जैसी कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर निगम भी व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।
कई लोगों के संयुक्त प्रयास से मिली सफलता
मुकेश अग्रवाल ने इस राहत का श्रेय झारखंड चैंबर की लीगल सब-कमेटी के अध्यक्ष देवेश अजमानी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चैंबर के पूर्व मंत्री कुणाल अजमानी, पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा, गोवर्धन गाड़ोदिया, अंजय सरावगी सहित अन्य पदाधिकारियों के संयुक्त प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि देवेश अजमानी ने जिस तत्परता और गंभीरता से इस मामले को उठाया और मात्र 24 घंटे के भीतर सकारात्मक परिणाम दिलाने में अहम भूमिका निभाई, वह सराहनीय है।
कानूनी लड़ाई अभी जारी रहेगी
चैंबर के पूर्व मंत्री कुणाल अजमानी ने कहा कि यह सफलता व्यापारियों की एकजुटता और कानूनी लड़ाई का परिणाम है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है और बाजार के सभी व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी कानूनी एवं संगठनात्मक प्रयास जारी रहेंगे।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
- अपर बाजार के दुकानदारों के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
- ट्रेड लाइसेंस और नगर निगम नियमों को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए।
- व्यापारियों से संवाद कर समाधान निकाला जाए।
- भविष्य में बिना उचित प्रक्रिया के कार्रवाई न की जाए।



