Jharkhand Assembly Monsoon Session 2026: मानसून सत्र शुरू, अनुपूरक बजट समेत जनहित के मुद्दों पर होगी चर्चा

झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुरू हो गया। सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश होगा। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी। Jharkhand Assembly Monsoon Session 2026: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, अनुपूरक बजट समेत

झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुरू हो गया। सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश होगा। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी।


Jharkhand Assembly Monsoon Session 2026: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, अनुपूरक बजट समेत जनहित के मुद्दों पर होगी चर्चा

रांची: झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण, गरिमापूर्ण और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जबकि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राज्य के विकास से जुड़े अहम विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।


विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से की सकारात्मक सहयोग की अपील

सत्र की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि विधानसभा का प्रमुख दायित्व कानून निर्माण, सरकार के कार्यों की समीक्षा और जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विधायकों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की।


अनुपूरक बजट होगा पेश

इस मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा होगी।


चार दिन रहेगा प्रश्नकाल

अध्यक्ष ने बताया कि सत्र के चार दिन प्रश्नकाल के लिए निर्धारित किए गए हैं, ताकि विधायक जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकें।

वहीं 12 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्यों के कार्य दिवस के रूप में रखा गया है। इस दिन विधायक निजी विधेयक और जनहित से जुड़े प्रस्ताव सदन में पेश करेंगे।


31 दिन चली थी झारखंड विधानसभा की बैठक

रवींद्र नाथ महतो ने PRS रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में देश की विधानसभाओं की औसत बैठक 24 दिन रही, जबकि झारखंड विधानसभा 31 दिनों तक चली, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

उन्होंने इस परंपरा को आगे भी बनाए रखने की अपील की।


इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं, जिन पर गंभीर चर्चा आवश्यक है।

प्रमुख मुद्दे:

  • रोजगार
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • कृषि
  • जलवायु परिवर्तन
  • आर्थिक विकास
  • जनकल्याण योजनाएं
  • तकनीकी विकास

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत से नहीं, बल्कि संवाद और सहमति से मजबूत होता है।


सभापति मंडल और कार्य मंत्रणा समिति का गठन

सत्र के सफल संचालन के लिए सभापति मंडल का गठन किया गया है।

सभापति मंडल में शामिल सदस्य:

  • हेमलाल मुर्मू
  • चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह
  • नीरल पूर्ति
  • रामचंद्र सिंह
  • डॉ. नीरा यादव

वहीं कार्य मंत्रणा समिति में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव, नीरल पूर्ति, अरूप चटर्जी और विशेष आमंत्रित सदस्य दीपक बिरवा सहित अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं।


जनहित के मुद्दों पर रहेगी नजर

पांच दिवसीय मानसून सत्र में अनुपूरक बजट, सरकारी योजनाओं की समीक्षा, विपक्ष के सवाल, विकास कार्यों और राज्यहित से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में यह सत्र सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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