झारखंड के चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। पलामू, लातेहार और गढ़वा में ऑरेंज अलर्ट है। 21 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना है…
Ranchi News: झारखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के तीन जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग शामिल हैं। इन जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
इसके अलावा मौसम विभाग ने पलामू, लातेहार और गढ़वा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
21 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में 21 अगस्त तक कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
धालभूमगढ़ में 90.8 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ में सबसे अधिक 90.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं राज्य में सबसे अधिक तापमान बहरागोड़ा में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रांची में दोपहर बाद हुई बारिश
राजधानी रांची में सोमवार सुबह मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा और बीच-बीच में धूप भी निकली। हालांकि दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और शहर के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हुई।
बारिश के कारण तापमान में भी बदलाव देखने को मिला। रांची में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम | न्यूनतम |
|---|---|---|
| रांची | 31°C | 23.4°C |
| जमशेदपुर | 33.8°C | 26.2°C |
| डाल्टनगंज | 33.6°C | 25.1°C |
| बोकारो | 33.5°C | 26.1°C |
| चाईबासा | 33°C | 24.2°C |
रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से गरज, वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अत्यंत भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
प्रशासन को भी संभावित जलभराव, तेज हवा और वज्रपात जैसी परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।



