CJP Protest: अभिजीत दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को लिखा भावुक पत्र, बोले- ‘तुम दोनों की बहुत याद आ रही है’

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जेल में बंद पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने दोनों के साथ अपने संबंधों और पिछले कुछ महीनों के आंदोलन का जिक्र करते

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जेल में बंद पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने दोनों के साथ अपने संबंधों और पिछले कुछ महीनों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उनकी जल्द रिहाई की उम्मीद जताई है। उन्होंने दोनों नेताओं को CJP के संगठन और आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय भी दिया।

सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर झंडा फहराने के आरोप में हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए दिपके ने कहा कि दोनों के जेल में रहने का यह छठा दिन है।

‘तुम दोनों की बहुत याद आ रही है’

अभिजीत दिपके ने अपने पत्र में लिखा कि पिछले तीन महीनों से उन्हें सौरव और आशुतोष के लगातार फोन कॉल और मैसेज की आदत हो गई थी। उन्होंने कहा कि कई बार वह इन कॉल और संदेशों को नजरअंदाज कर देते थे, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि दोनों उनके बिना भी काम संभाल लेंगे।

दिपके ने कहा कि जेल में दोनों के होने के कारण उन्हें उनकी बहुत याद आ रही है और वह चाहते हैं कि दोनों जल्द उनके बीच वापस लौटें।

‘CJP को वास्तव में तुम दोनों ही चला रहे थे’

पत्र में अभिजीत दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका की भूमिका की विशेष तौर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में भले ही लोग उन्हें CJP के चेहरे के तौर पर देखते रहे, लेकिन संगठन को बनाने और आंदोलन को आगे बढ़ाने में दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने दोनों को प्रतिभा, समर्पण और साहस के लिए श्रेय देते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना CJP उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती, जहां वह आज है।

दिपके ने यह भी कहा कि दोनों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए काफी त्याग किया और बदले में बहुत कम श्रेय की अपेक्षा की।

परिवारों से भी मांगी माफी

अभिजीत दिपके ने पत्र में सौरव और आशुतोष के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों जिस स्थिति से गुजर रहे हैं, उसके लिए उन्हें दुख है और वह उनके परिवारों से भी माफी मांगना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि सिर्फ माफी मांगने से परिवारों की परेशानी, चिंता और अनिश्चितता कम नहीं हो सकती। इसके बावजूद उन्होंने दोनों की जल्द वापसी की उम्मीद जताई और कहा कि वह अपने दोनों साथियों को फिर से अपने बीच देखना चाहते हैं।

रिहाई की जताई उम्मीद

दिपके ने अपने पत्र में उम्मीद जताई कि दोनों की हिरासत की अवधि समाप्त होगी और वे जल्द जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने कहा कि इस समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात अपने दोनों साथियों की वापसी है।

नोट: सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित आगे की कानूनी स्थिति की जानकारी उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड/पुलिस या अदालत के बयान के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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