मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर झारखंड ताइक्वांडो संघ और रांची जिला ताइक्वांडो संघ ने शोकसभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। खेलों में उनके योगदान को याद किया।
Sudivya Sonu Death: सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड ताइक्वांडो संघ ने जताया शोक
रांची। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर झारखंड ताइक्वांडो संघ और रांची जिला ताइक्वांडो संघ परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके असामयिक निधन से खेल जगत समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर है। संघ ने उनके निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
ताइक्वांडो संघ कार्यालय में आयोजित हुई शोकसभा
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड ताइक्वांडो संघ की ओर से रांची जिला ताइक्वांडो संघ के कार्यालय में शोकसभा आयोजित की गई। इसमें संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी शामिल हुए।
शोकसभा में सभी ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
खेल और खिलाड़ियों के विकास में योगदान को किया याद
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असामयिक निधन झारखंड के लिए बड़ी क्षति है। खेल मंत्री के रूप में उन्होंने राज्य में खेलों और खिलाड़ियों के विकास, प्रोत्साहन तथा उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों के प्रति सुदिव्य कुमार सोनू का सहयोग, समर्पण और विजन हमेशा याद किया जाएगा। उनके प्रयासों से खेल जगत को जो सहयोग मिला, उसे आने वाले समय में भी सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।
सामाजिक, शैक्षणिक और खेल जगत के लिए बड़ी क्षति
शोकसभा में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड के सामाजिक, शैक्षणिक और खेल जगत को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा खेलों के विकास के लिए किए गए प्रयास राज्य के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।
संघ परिवार ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से पैदा हुई कमी को पूरा करना आसान नहीं होगा। उनके योगदान और जनसेवा से जुड़ी स्मृतियां हमेशा लोगों के बीच बनी रहेंगी।
परिवार के प्रति जताई संवेदना
झारखंड ताइक्वांडो संघ और रांची जिला ताइक्वांडो संघ परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोक-संतप्त परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
शोकसभा का समापन श्रद्धांजलि और ‘ॐ शांति’ के साथ हुआ।



