झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा से नियुक्त कर्मियों को हटाने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। 245 कर्मियों की याचिका पर सरकार और JSSC से 15 सितंबर तक जवाब मांगा गया है।
JSSC CGL नियुक्ति पर हाईकोर्ट की रोक, 245 कर्मियों की याचिका पर सरकार और JSSC से जवाब तलब…
रांची, 7 सितंबर। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा (विज्ञापन संख्या 10/2023) के जरिए नियुक्त कर्मियों को हटाने के राज्य सरकार के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। सोमवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में निरोज एवं अन्य 245 कर्मियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और JSSC से 15 सितंबर तक जवाब मांगा है।
245 कर्मियों ने नियुक्ति रद्द करने के आदेश को दी चुनौती
याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत JSSC-CGL परीक्षा के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने की कार्रवाई की गई थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन के साथ अधिवक्ता दीपांकर और श्रेय मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा।
सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। जवाब दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था फैसला
उल्लेखनीय है कि CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें कथित तौर पर टीडीपीएल शामिल रहा था।
सरकार ने वर्ष 2014 से हुई नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर भी जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और विभिन्न परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई।
22 परीक्षाएं रद्द, छह की प्रक्रिया स्थगित
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कुल 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया है।
अब JSSC-CGL से नियुक्त कर्मियों को हटाने के सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के बाद मामले की अगली कार्रवाई सरकार और JSSC के जवाब पर निर्भर करेगी।



