नेपाल बाढ़ 2026 में अब तक 1,356 लोगों की मौत, 13 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू और 4,894 लोग अब भी लापता। चिलिमे व त्रिशूली परियोजनाओं में सुरंगों की तलाशी जारी।
Nepal Flood 2026: 13 दिन बाद भी 4,894 लोग लापता, 7 हाइड्रोपावर परियोजनाओं में रेस्क्यू जारी….
नेपाल और तिब्बत में बाढ़-भूस्खलन से भारी तबाही, सात हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश जारी….
काठमांडू, 8 सितंबर। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के करीब दो सप्ताह बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीमें अलग-अलग 7 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 4,894 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
दुर्गम पहाड़ी इलाकों, टूटे सड़क संपर्क और भारी मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को अभियान में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय बीतने के साथ हजारों लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद भी कम होती जा रही है।
नेपाल में 1,356 लोगों की मौत, तिब्बत में भी भारी तबाही
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में अब तक 1,356 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लोग अब भी लापता हैं।
चिलिमे सुरंग में सबसे कठिन अभियान
नेपाल के 22 मेगावाट चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में छह लोग अब भी सुरंग में फंसे हैं। भारतीय सेना की 35 सदस्यीय टीम, नेपाल सेना और अन्य बचाव एजेंसियां संयुक्त अभियान चला रही हैं।
बचाव दल करीब 250 मीटर लंबी सुरंग में 130 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि 71 लोगों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन पूरा होने में अभी 3–4 दिन और लग सकते हैं।
किन परियोजनाओं में जारी है रेस्क्यू?
| हाइड्रोपावर परियोजना | स्थिति |
|---|---|
| चिलिमे (22 MW) | सुरंग में संयुक्त रेस्क्यू अभियान जारी |
| अपर त्रिशूली-1 | 400 मीटर तक तलाशी, कोई सुराग नहीं |
| त्रिशूली-3A | टनल और पावर हाउस में खोज जारी |
| त्रिशूली-3B | ड्रोन व थर्मल कैमरों से तलाशी |
| मेलुंग खोला | 1 किमी क्षेत्र में ड्रोन सर्वे |
| लांगटांग परियोजना | सर्च एंड रेस्क्यू जारी |
नेपाल ने मांगा 2 करोड़ डॉलर का मुआवजा
नेपाल सरकार ने जलवायु परिवर्तन से हुए नुकसान के लिए 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब ₹189 करोड़) की अंतरराष्ट्रीय सहायता की मांग की है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 0.1% से भी कम योगदान देता है, फिर भी जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर झेल रहा है।
लापता भारतीयों के लिए DNA सैंपल की अपील
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने तिब्बत-नेपाल आपदा में लापता भारतीय नागरिकों के परिजनों से DNA सैंपल जमा करने को कहा है, ताकि बरामद शवों की वैज्ञानिक पहचान की जा सके।



