Advance Tax 2026: टैक्स ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त 15 सितंबर तक जमा करनी है। जानें किसे एडवांस टैक्स देना है और देरी पर क्या होगा।
Advance Tax 2026: 15 सितंबर तक भरें दूसरी किस्त, नहीं तो लगेगा ब्याज
अगर आपकी सालाना अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये या उससे ज्यादा है, तो आपके लिए यह जरूरी खबर है। टैक्स ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2026 है। तय समय तक एडवांस टैक्स की देनदारी पूरी नहीं करने या किस्त में कमी रहने पर नियमों के तहत ब्याज देना पड़ सकता है।
किसे देना होता है एडवांस टैक्स?
आयकर विभाग के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की सालभर की अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये या उससे अधिक बनती है, तो सामान्य तौर पर उसे एडवांस टैक्स का भुगतान करना होता है। इसमें वे लोग भी शामिल हो सकते हैं जिनकी सैलरी से पर्याप्त TDS कटने के बावजूद ब्याज, किराया, पूंजीगत लाभ या अन्य स्रोतों से अतिरिक्त टैक्स देनदारी बनती है।
हालांकि, कुछ श्रेणियों के लिए नियम अलग हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कारोबार या पेशे से आय नहीं रखने वाले निवासी वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स से राहत का प्रावधान है।
15 सितंबर को कितनी किस्त देनी है?
एडवांस टैक्स सालभर में निर्धारित किस्तों में जमा किया जाता है। दूसरी किस्त तक कुल एडवांस टैक्स का 45 प्रतिशत भुगतान किया जाना होता है, जिसमें पहले से जमा की गई राशि को समायोजित किया जाता है।
| किस्त | देय तारीख | कुल एडवांस टैक्स का लक्ष्य |
|---|---|---|
| पहली किस्त | 15 जून | 15% |
| दूसरी किस्त | 15 सितंबर | 45% |
| तीसरी किस्त | 15 दिसंबर | 75% |
| चौथी किस्त | 15 मार्च | 100% |
समय पर भुगतान नहीं किया तो क्या होगा?
एडवांस टैक्स की किस्त में कमी या भुगतान में चूक होने पर ब्याज की देनदारी बन सकती है। आयकर विभाग के अनुसार नए आयकर कानून के तहत एडवांस टैक्स में चूक और किस्तों के स्थगन से जुड़े ब्याज के प्रावधान लागू हैं।
इसलिए जिन करदाताओं पर एडवांस टैक्स लागू होता है, उन्हें अपनी अनुमानित सालाना टैक्स देनदारी की दोबारा गणना कर 15 सितंबर की समयसीमा से पहले दूसरी किस्त जमा कर देनी चाहिए।



