JPSC भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के मामले में जेल में बंद अभय तिवारी को अदालत से राहत नहीं मिली। CID के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
JPSC Recruitment Case: अभय तिवारी की जमानत याचिका खारिज, CID ने बताया महत्वपूर्ण आरोपित…
रांची, 9 सितंबर। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के मामले में जेल में बंद अभय तिवारी को अदालत से राहत नहीं मिली। CID कांड संख्या 16/2026 में आरोपित अभय तिवारी की जमानत याचिका सीआईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने बुधवार को खारिज कर दी।
मंगलवार को हुई थी जमानत याचिका पर सुनवाई
अभय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गई थीं। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
जमानत नहीं मिलने के बाद अभय तिवारी की न्यायिक हिरासत जारी रहेगी।
CID ने जमानत का किया विरोध
सुनवाई के दौरान सीआईडी ने अभय तिवारी की जमानत का कड़ा विरोध किया। जांच एजेंसी की ओर से अदालत को बताया गया कि अभय तिवारी की मामले में कथित तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
सीआईडी के अनुसार, वह ऐसे नेटवर्क से जुड़ा था, जिसके माध्यम से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आई है।
TDPL में मार्केटिंग मैनेजर था अभय तिवारी
जांच एजेंसी ने अदालत में बताया कि अभय तिवारी TDPL कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि इसी दौरान उसने अपने रिश्तेदारों सहित कई अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए।
सीआईडी का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे लोगों के बारे में जानकारी सामने आई है, जिनसे कथित तौर पर पैसे लेकर नियुक्ति में मदद करने की बात कही गई थी।
जांच प्रभावित करने की आशंका जताई
सीआईडी ने अदालत में यह भी दलील दी कि जमानत पर बाहर आने के बाद अभय तिवारी जांच को प्रभावित कर सकता है और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोशिश कर सकता है।
जांच एजेंसी ने मामले की गंभीरता और आरोपित की कथित भूमिका को देखते हुए जमानत याचिका खारिज करने का आग्रह किया।
फिलहाल जेल में रहेगा अभय तिवारी
अदालत ने मामले की गंभीरता और सीआईडी की दलीलों पर विचार करने के बाद अभय तिवारी को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसकी न्यायिक हिरासत जारी रहेगी।
इससे पहले सीआईडी की विशेष अदालत JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की जमानत याचिका भी खारिज कर चुकी है।



