रांची, 24 सितंबर। बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ गुरुवार को आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। हेमंत सोरेन ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया।
बचाव पक्ष ने दस्तावेजों के लिए मांगा समय
आरोप तय करने की कार्यवाही से पहले बचाव पक्ष की ओर से अदालत से समय देने का अनुरोध किया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) से संबंधित कुछ दस्तावेज उसी दिन प्राप्त हुए हैं। इन दस्तावेजों के अध्ययन के बाद पक्ष की ओर से कुछ साक्ष्य और अन्य दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाने हैं।
अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से किए गए अनुरोध पर सुनवाई की। इसके बाद अदालत ने मामले में आरोप तय करने की कार्यवाही के लिए 30 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की।
30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने हेमंत सोरेन को 30 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सुबह 11:30 बजे होगी।
यह मामला रांची के बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है और प्रवर्तन निदेशालय की धनशोधन जांच से जुड़ा है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप लगाए गए हैं, जबकि हेमंत सोरेन ने इन आरोपों से इनकार किया है।
अदालत द्वारा आरोप तय किया जाना मुकदमे की प्रक्रिया का एक चरण है और इसे दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाता। मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही अदालत के समक्ष होगी।


