झारखंड को SGFI की 7 राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली है। फुटबॉल, हॉकी, वुशु, ताइक्वांडो, योगासन समेत कई खेलों में देशभर के हजारों खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
झारखंड को मिली SGFI की 7 राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी, देशभर के हजारों खिलाड़ी होंगे शामिल
रांची: झारखंड के लिए खेल जगत से बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आयोजित होने वाली 7 राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी का जिम्मा झारखंड को सौंपा है। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC), रांची द्वारा किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देशभर के 42 राज्यों और संबद्ध इकाइयों से हजारों खिलाड़ी, प्रशिक्षक, तकनीकी अधिकारी और टीम प्रबंधक हिस्सा लेंगे। इससे झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल अधोसंरचना और आयोजन क्षमता प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर मिलेगा।
किन-किन खेलों की मेजबानी करेगा झारखंड?
SGFI द्वारा झारखंड को निम्नलिखित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी सौंपी गई है—
- फुटबॉल (अंडर-14 एवं अंडर-17 बालिका)
- हॉकी (अंडर-17 बालक)
- साइक्लिंग ट्रैक (अंडर-14, 17 एवं 19 बालक-बालिका)
- वुशु (अंडर-19)
- बास्केटबॉल (अंडर-19 बालिका)
- योगासन (अंडर-19)
- ताइक्वांडो (अंडर-19)
तैयारियां शुरू, राष्ट्रीय मानकों पर होगा आयोजन
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी प्रतियोगिताओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोजन स्थलों, खिलाड़ियों की आवास व्यवस्था, सुरक्षा, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर विभाग ने कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है।
धीरसेन ए. सोरेंग ने क्या कहा?
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि सात राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिलना झारखंड के लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। यह राज्य की मजबूत खेल अधोसंरचना, बेहतर आयोजन क्षमता और स्कूली खेलों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, सुरक्षित, पारदर्शी और सफल तरीके से किया जाएगा, ताकि देशभर से आने वाले खिलाड़ियों को झारखंड में बेहतरीन अनुभव मिल सके।
पिछले साल से बढ़ी जिम्मेदारी
वर्ष 2025-26 में झारखंड को 5 राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली थी। इस बार यह संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जो राज्य की बढ़ती खेल क्षमता और सफल आयोजन कौशल को दर्शाती है।
झारखंड को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रतियोगिताओं के आयोजन से—
- राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलेगा।
- खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
- झारखंड की पहचान देश के अग्रणी खेल आयोजक राज्यों में और मजबूत होगी।



