झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन JPSC विवाद को लेकर NDA विधायकों ने प्रदर्शन किया। भाजपा ने CBI जांच और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई।
JPSC विवाद पर विधानसभा परिसर में गरमाई सियासत, NDA विधायकों का प्रदर्शन, CBI जांच और CM हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग
रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन के बाहर जोरदार तरीके से गूंजा। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले NDA के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे और मामले की CBI जांच की मांग की।
हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा और एनडीए के विधायक नारेबाजी करते हुए छात्रों के आंदोलन के समर्थन में उतरे। विपक्ष ने सरकार पर परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को छिपाने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों का प्रदर्शन
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक नीरा यादव, उज्ज्वल दास सहित कई एनडीए विधायक शामिल हुए।
विधायकों ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे राज्य के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की CID जांच कराकर सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है।
नीरा यादव ने क्या कहा?
भाजपा विधायक नीरा यादव ने कहा कि राज्यभर के छात्र JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द करनी चाहिए और पूरे मामले की CBI से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
सरकार का जवाब: राजनीति नहीं, समाधान पर काम कर रहे हैं
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि भाजपा को पहले अपने शासनकाल में हुई अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और मामले के समाधान के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार की ओर से आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की भी तैयारी की जा रही है।
छात्रों से वार्ता की संभावना
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच जल्द बातचीत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छात्रों के हितों की रक्षा हो और किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है।
JPSC विवाद पर सियासत तेज
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अब विधानसभा के मानसून सत्र में भी सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष जहां CBI जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि मामले का समाधान कानून और जांच प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।



