Monsoon Health Alert: बारिश और उमस के मौसम में सेहत पर पड़ सकता है असर, डेंगू समेत इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा

अगस्त के मानसून में बारिश और उमस का सेहत पर असर पड़ सकता है। जानें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और पेट के संक्रमण से जुड़े जोखिम और जरूरी सावधानियां। Monsoon Health Alert: बारिश-उमस में बढ़ सकता है डेंगू-मलेरिया का खतरा, जानें बचाव नई दिल्ली: अगस्त में

अगस्त के मानसून में बारिश और उमस का सेहत पर असर पड़ सकता है। जानें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और पेट के संक्रमण से जुड़े जोखिम और जरूरी सावधानियां।

Monsoon Health Alert: बारिश-उमस में बढ़ सकता है डेंगू-मलेरिया का खतरा, जानें बचाव

नई दिल्ली: अगस्त में देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच चुका था। बारिश, नमी और जगह-जगह जमा पानी के कारण इस मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। WHO के मुताबिक गर्म और नम परिस्थितियां डेंगू फैलाने वाले Aedes मच्छरों के लिए अनुकूल होती हैं।

बारिश के मौसम में सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?

मानसून में तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद उमस और नमी शरीर को परेशान कर सकती है। इसके अलावा बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल जगह बन सकता है।

1. डेंगू का खतरा

डेंगू मानसून में सबसे ज्यादा चिंता वाली बीमारियों में शामिल है। WHO के अनुसार 2024 में दुनिया में 1.46 करोड़ से ज्यादा डेंगू मामले रिपोर्ट हुए थे और भारत में भी बड़े प्रकोप दर्ज किए गए।

डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, मतली और त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं।

2. मलेरिया और चिकनगुनिया

बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने से मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। WHO मानसून के दौरान मच्छरों के संपर्क और उनके प्रजनन स्थलों को कम करने पर जोर देता है।

3. वायरल और पेट से जुड़ी समस्याएं

मानसून में दूषित पानी और खराब स्वच्छता के कारण पेट से जुड़ी संक्रमण की समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए पीने के पानी और भोजन की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

मानसून हेल्थ डेटा: किन चीजों पर रखें नजर?

स्वास्थ्य जोखिममानसून में मुख्य कारणक्या ध्यान रखें
डेंगूजमा पानी और मच्छरमच्छरों से बचाव
मलेरियामच्छरों का प्रजननआसपास पानी जमा न होने दें
चिकनगुनियासंक्रमित Aedes मच्छरमच्छर के काटने से बचें
पेट का संक्रमणदूषित पानी/भोजनस्वच्छ पानी और भोजन
फंगल इंफेक्शनलगातार नमीशरीर और कपड़े सूखे रखें

महत्वपूर्ण डेटा: WHO के अनुसार दुनिया की लगभग आधी आबादी डेंगू के जोखिम वाले क्षेत्रों में रहती है, जबकि हर साल अनुमानित 10–40 करोड़ डेंगू संक्रमण होते हैं।

मानसून हेल्थ चार्ट

जोखिम का सामान्य स्तर — मौसम के प्रभाव के आधार पर

मच्छरजनित बीमारी     █████  ज्यादा
पेट का संक्रमण       ████   मध्यम-से-ज्यादा
फंगल इंफेक्शन        ████   मध्यम-से-ज्यादा
उमस/थकान             ███    मध्यम

यह चार्ट किसी शहर में वास्तविक मरीजों की संख्या नहीं बताता, बल्कि मानसून में सामान्य स्वास्थ्य जोखिमों का संपादकीय चित्रण है।

इस मौसम में क्या सावधानी रखें?

घर और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि मच्छर पानी से भरे कंटेनरों में प्रजनन कर सकते हैं। WHO के अनुसार मच्छरों से बचाव के लिए शरीर को ढकने वाले कपड़े, मच्छररोधी उपाय और घर के आसपास जमा पानी को हटाना उपयोगी है।

बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द या लगातार उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें तो खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय अभिभावक/परिवार के किसी जिम्मेदार बड़े व्यक्ति को बताकर डॉक्टर से सलाह लें। डेंगू में गंभीर लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सा सहायता जरूरी हो सकती है।

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