रांची, 5 अक्टूबर 2026: एचईसी कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर हटिया कामगार यूनियन (एटक) ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। सोमवार को धुर्वा स्थित यूनियन कार्यालय में अध्यक्ष कामरेड लालदेव सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और बकाया वेतन भुगतान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
यूनियन ने मांग की है कि दशहरा से पहले एचईसी कर्मचारियों को कम से कम तीन माह का वेतन भुगतान किया जाए। इसी मांग को लेकर 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर एक बजे एचईसी मुख्यालय के समक्ष आमसभा आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
एचईसी कर्मचारियों का 32 महीने का वेतन बकाया
बैठक में हटिया कामगार यूनियन के अध्यक्ष लालदेव सिंह ने कहा कि एचईसी कर्मचारियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्कूल की फीस, राशन, घर-गृहस्थी के खर्च और इलाज जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में दशहरा का त्योहार सामने होने के कारण प्रबंधन को कर्मचारियों के वेतन भुगतान की दिशा में तत्काल कदम उठाना चाहिए।
तीन महीने का वेतन भुगतान करने की मांग
महासचिव एमपी रामचंद्रन सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यूनियन को जानकारी मिली है कि प्रबंधन के पास कर्मचारियों को तीन महीने का वेतन भुगतान करने के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध है।
यूनियन ने मांग की कि दशहरा से पहले कम से कम तीन महीने का वेतन कर्मचारियों के खातों में भुगतान किया जाए, ताकि त्योहार के दौरान उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
9 अक्टूबर को एचईसी मुख्यालय पर होगी आमसभा
वेतन भुगतान की मांग को लेकर यूनियन ने 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे एचईसी मुख्यालय के समक्ष आमसभा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
यूनियन के मुताबिक, आमसभा के माध्यम से प्रबंधन के समक्ष कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या को प्रमुखता से रखा जाएगा और लंबित वेतन के भुगतान के लिए दबाव बनाया जाएगा।
यूनियन ने एचईसी के सभी कर्मचारियों से बड़ी संख्या में आमसभा में शामिल होने और इसे सफल बनाने की अपील की है।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में महासचिव एमपी रामचंद्रन, अध्यक्ष आरके शाही, कार्यकारी अध्यक्ष अर्जुन रविदास, उपमहासचिव परवीन कुमार, सचिव कमलेश भारतीय, श्यामनंदन, अनिल कुमार, संत सुजित सुजान सहित अन्य यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।


