बिहार के CM सम्राट चौधरी ने ‘आगाज 2026’ में छात्रों को बड़ी सौगात दी। LNM संस्थान की क्षमता 3,000 होगी, AI और क्वांटम कंप्यूटर सेंटर बनेगा और सैटेलाइट कैंपस के लिए 10 एकड़ जमीन मिलेगी।
पटना, 12 अगस्त: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में आयोजित छात्र इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘आगाज 2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 के छह गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया और नए बैच के छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान के लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और देश-दुनिया में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
3,000 छात्रों तक बढ़ेगी संस्थान की क्षमता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ललित नारायण मिश्र संस्थान बिहार की महत्वपूर्ण शैक्षणिक विरासत का हिस्सा है। फिलहाल संस्थान में करीब 1,600 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 3,000 विद्यार्थियों तक करने की दिशा में काम कर रही है।
संस्थान की जमीन की कमी को दूर करने के लिए भवन निर्माण विभाग के प्रस्तावित एक एकड़ भूमि को संस्थान को उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
‘गंगा टू ग्लोबल’ के तहत छात्रों को मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपोजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘गंगा टू ग्लोबल’ की अवधारणा के तहत बिहार के विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों की कार्यप्रणाली और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से परिचित कराया जाएगा।
हर सत्र में करीब 100 विद्यार्थियों को एक महीने के एक्सपोजर विजिट पर भेजने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, तकनीक और संस्थागत कार्यप्रणाली का अनुभव देना है।
AI और क्वांटम कंप्यूटर सेंटर की होगी स्थापना
‘आगाज 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संस्थान में आधुनिक तकनीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इनमें—
- AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
- सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस
- क्वांटम कंप्यूटर सेंटर
शामिल हैं।
इन केंद्रों के जरिए विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शहरी विकास, नीति निर्माण, प्रशासन और शासन व्यवस्था जैसे विषयों में अध्ययन एवं शोध के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
सैटेलाइट कैंपस के लिए मिलेगी 10 एकड़ जमीन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए टाउनशिप के विकास के क्रम में संस्थान को सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने के लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे संस्थान के विस्तार और नई शैक्षणिक सुविधाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
बिहार में शिक्षा को लेकर सरकार के बड़े कदम
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 211 डिग्री कॉलेजों में 10 अगस्त से शिक्षकों के योगदान के साथ पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
इसके अलावा राज्य में 551 मॉडल स्कूलों की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त से विद्यार्थी रात 11 बजे के बाद भी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे और शिक्षकों से सवाल पूछकर परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
युवाओं से बिहार से जुड़े रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने बिहार के गौरवशाली मगध इतिहास और विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश-दुनिया में कहीं भी रहें, लेकिन अपनी जन्मभूमि और बिहार से जुड़े रहें और राज्य की तरक्की में योगदान दें।
तकनीक और जल प्रबंधन पर भी बोले मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और हर क्षेत्र में तकनीक की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने AI के बढ़ते इस्तेमाल और बिहार में बाढ़ प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बेहतर जल प्रबंधन के लिए कोसी, नारायणी और गंगा नदी बेसिन पर काम करने की दिशा में पहल की जा रही है। उनके अनुसार, वर्तमान में बिहार में करीब 44 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2030 तक PPP मॉडल पर करीब 200 किलोमीटर मेरीन ड्राइव विकसित करने की योजना है, जिस पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
छात्रों को सफलता के लिए मेहनत करने की सलाह
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने का मजबूत आधार देती है.



