संस्कार भारती रांची महानगर के सावन मिलन में कजरी, लोकगीत, शास्त्रीय संगीत, नृत्य और कविताओं की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। वंदे मातरम् के सामूहिक गान से हुआ समापन…
सावन के रंगों में सराबोर हुआ संस्कार भारती का सावन मिलन, गीत-संगीत और कविताओं ने बांधा समां
Ranchi News: संस्कार भारती, रांची महानगर की ओर से सावन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकगीत, कजरी, शास्त्रीय संगीत, नृत्य, कविता और भजन की प्रस्तुतियों ने सावन की सांस्कृतिक और लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया। साहित्य एवं कला प्रेमियों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कार भारती रांची महानगर के अध्यक्ष रामानुज पाठक एवं शास्त्रीय संगीत साधिका लिली मुखर्जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सुजाता मजूमदार एवं उनकी टीम ने ध्येय गीत प्रस्तुत किया।
सुजाता मजूमदार ने कजरी गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत कर सावन की लोक परंपरा को जीवंत किया। लिली मुखर्जी ने कजरी की प्रस्तुति दी, वहीं अवनिन्दर सिंह के गायन ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। शाश्वती मुखर्जी और इंदु पाराशर ने भी कजरी प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सुरमयी बना दिया।
गार्गी शोम की नृत्य प्रस्तुति ने मोहा मन
प्रसिद्ध नृत्यांगना गार्गी शोम ने नृत्य के माध्यम से शिव वंदना और सावन की मनोहारी प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
कवि सम्मेलन में दिखे सावन के अलग-अलग रंग
कार्यक्रम में आयोजित कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने सावन, प्रकृति, देशभक्ति, भक्ति और रिश्तों से जुड़े भावों को अपनी कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया।
सुरिंदर कौर नीलम ने रिमझिम बारिश और सोंधी मिट्टी की अनुभूति को कविता के माध्यम से सामने रखा। आशुतोष प्रसाद ने अपनी रचना के जरिए कल्पना और कविता के भाव को प्रस्तुत किया। वहीं कल्पना कुमारी ने देशभक्ति से ओत-प्रोत रचना सुनाकर श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया।
राकेश रमण ने सावन के रंग में रंगे शहर का चित्र अपनी कविता में उकेरा। सदानंद यादव ने देवघर और बाबा बैद्यनाथ से जुड़ी रचना प्रस्तुत की। संगीता यादव ने बारिश और भीगी धरती का वर्णन किया, जबकि संगीता सहाय ने सावन की प्रकृति को अपनी रचना में स्वर दिया।
मां-बेटी के रिश्ते पर भावुक हुई कविता
किरण सिंह ने मां-बेटी के भावनात्मक रिश्ते को केंद्र में रखकर कविता प्रस्तुत की। उनकी रचना में बेटी के माध्यम से मां के बचपन और सावन की यादों को भावनात्मक रूप से व्यक्त किया गया।
विजय खोवाला ने भजन की प्रस्तुति से कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण बना दिया। वहीं खुशबू बरनवाल ने इतिहास और उसकी व्याख्या पर सवाल उठाती रचना प्रस्तुत की।
रजनी शर्मा ने सावन में कोयल की आवाज और मन में उठने वाले भावों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। अनुराधा अनु ने अपनी गजल सुनाकर कार्यक्रम में साहित्यिक रंग जोड़ा।
साहित्य और कला प्रेमियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में संस्कार भारती रांची महानगर की महामंत्री शशिकला पौराणिक, कवयित्री कविता रानी सिंह, दीपमाला, मिथिलेश पाठक, कुमकुम गौड़, अशोक गौड़, वीणा चंद्रा, मधुरेश चंद्रा, शिवपूजन पाठक, कामिनी पाठक, अनूप मजूमदार और वर्षा ऋतुराज सहित बड़ी संख्या में साहित्य एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन शशिकला पौराणिक ने किया। अंत में राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान के साथ सावन मिलन कार्यक्रम का समापन हुआ।



