JPSC-JSSC मुद्दे पर छात्रों ने 60 दिनों के लिए स्थगित किया आंदोलन, बेहतर जांच के आश्वासन पर टूटा आमरण अनशन

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ रांची में 26 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन 60 दिनों के लिए स्थगित हुआ। सरकार के बेहतर जांच के आश्वासन पर 16 दिन से जारी आमरण अनशन भी समाप्त कराया गया… रांची, 19 अगस्त 2026। झारखंड में

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ रांची में 26 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन 60 दिनों के लिए स्थगित हुआ। सरकार के बेहतर जांच के आश्वासन पर 16 दिन से जारी आमरण अनशन भी समाप्त कराया गया…

रांची, 19 अगस्त 2026। झारखंड में JPSC-JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के खिलाफ JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई 2026 से चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को 26वें दिन फिलहाल 60 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया। आंदोलन के तहत पिछले 16 दिनों से जारी आमरण अनशन भी समाप्त कराया गया।

कोतवाली थाना प्रभारी सनोज चौधरी ने स्टेडियम में मौजूद अनशनकारी छात्रा सबिता कुमारी, रूपेश कुमार और राहुल क्रांति को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। हालांकि, अनशनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है।

सरकार के आश्वासन पर दो महीने की मोहलत

छात्रों के अनुसार, सरकार ने JPSC-JSSC CGL समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की बेहतर तरीके से जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के आधार पर छात्रों ने आंदोलन को दो महीने के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है।

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि अगले 60 दिनों तक सरकार की कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।

छात्रों की प्रमुख मांग CBI जांच

आंदोलनकारी छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग कथित परीक्षा धांधली की CBI जांच है। उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल जो कार्रवाई कर रही है, उसे दो महीने तक देखना होगा। यदि कार्रवाई छात्रहित और भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं हुई तो छात्र फिर एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।

छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनका तर्क है कि केवल विभागीय या सीमित जांच से अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान नहीं होगा।

‘आंदोलन खत्म नहीं हुआ, सिर्फ स्थगित किया है’

अनशनकारी सबिता कुमारी सहित अन्य छात्रों ने कहा कि 60 दिनों की मोहलत संघर्ष से पीछे हटना नहीं है। यह सरकार को अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई करने का अवसर दिया गया है।

छात्रों ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिक मांग है।

आंदोलन में सहयोग करने वालों का जताया आभार

इस मौके पर पीयूष सिंह ने आंदोलन में शामिल होने वाले मीडिया प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अन्य लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच आगे भी सक्रियता से काम करता रहेगा।

कार्यक्रम में पीयूष कुमार, कुणाल प्रताप सिंह, उमेश प्रसाद, देवाशीष सहित बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी मौजूद रहे।

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