Ranchi Sugar Price: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले चीनी के दाम में देशभर में तेजी देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय स्तर पर खुदरा चीनी की कीमत करीब ₹65 प्रति किलो तक पहुंचने की रिपोर्ट है।
झारखंड में भी इसका असर किराना बाजार पर पड़ रहा है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार 18 जुलाई 2026 को झारखंड में चीनी का थोक औसत भाव करीब ₹44.88 प्रति किलो था। हालांकि, खुदरा बाजार में ब्रांड, गुणवत्ता, शहर और दुकान के हिसाब से कीमत अलग-अलग हो सकती है।
रांची समेत झारखंड में क्यों बढ़ रहे चीनी के दाम?
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। देश में गन्ने की फसल पर मौसम का असर, त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग और बाजार में उपलब्ध स्टॉक को प्रमुख वजह माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक पिछले एक महीने में देश में चीनी की कीमतों में करीब 10 फीसदी की तेजी आई है।
इसके अलावा गन्ने का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में होने से भी चीनी की उपलब्धता पर असर पड़ने की चर्चा है।
त्योहारों से पहले और बढ़ सकती है मांग
रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, दुर्गापूजा और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है। ऐसे में चीनी की खपत भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि बाजार में आगे कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है।
सरकार ने भी बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए हैं। 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रति माह 10 टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 15 दिनों की गई है।
सरकार ने चीनी आयात को दी मंजूरी
बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने 20 अगस्त 2026 को 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करना है। आयात की अनुमति 31 अक्टूबर तक रहेगी।
झारखंड के ग्राहकों पर क्या होगा असर?
अगर थोक बाजार में तेजी बनी रहती है तो रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और अन्य शहरों के खुदरा बाजार में भी चीनी की कीमतों पर दबाव रह सकता है। हालांकि, सरकारी कदमों के बाद आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ने पर कीमतों में राहत मिलने की संभावना भी है।
नोट: झारखंड में चीनी का खुदरा भाव शहर, दुकान, ब्रांड और गुणवत्ता के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक रेट को पूरे राज्य का आधिकारिक खुदरा भाव नहीं माना जाना चाहिए.



