Aja Ekadashi 2026: अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा। जानें भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा, धन प्राप्ति के उपाय और इस दिन किन कामों से बचना चाहिए।
Aja Ekadashi 2026: 7 सितंबर को अजा एकादशी, जानें धन प्राप्ति के उपाय और क्या न करें
Aja Ekadashi 2026: अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत करने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
शास्त्रों में अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से धन-संपत्ति और समृद्धि से जुड़ी परेशानियों को दूर करने की मान्यता है। वहीं, एकादशी व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं अजा एकादशी के उपाय और इस दिन किन कार्यों से बचना चाहिए।
अजा एकादशी पर करें ये उपाय
1. स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें
अजा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
2. धन प्राप्ति के लिए करें यह उपाय
धन-संपत्ति की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद लाल कपड़े में एक हल्दी की गांठ और एक सिक्का रखकर पोटली बना लें।
इस पोटली के सामने बैठकर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। पूजा के बाद इस पोटली को धन रखने के स्थान पर रखने की मान्यता है।
3. पीपल के पेड़ की पूजा
एकादशी के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल में देवताओं का वास माना जाता है।
पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करते समय पानी में थोड़ी चीनी और कच्चा दूध मिलाने की परंपरा भी बताई गई है।
4. तुलसी पूजा का भी है महत्व
अजा एकादशी पर तुलसी पूजा को भी विशेष महत्व दिया जाता है। सुबह और शाम तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं और तुलसी माता की परिक्रमा करें।
हालांकि, एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। पूजा के लिए पहले से गिरे हुए साफ तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अजा एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?
चावल खाने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। दशमी तिथि से ही चावल से परहेज करने की परंपरा बताई गई है। मान्यता है कि एकादशी पर चावल खाने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
तुलसी के पत्ते न तोड़ें
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना जाता है। पूजा के लिए पहले से टूटे या गिरे हुए पत्तों को साफ करके भगवान को अर्पित किया जा सकता है।
तामसिक भोजन से करें परहेज
एकादशी के दिन तामसिक भोजन से बचना चाहिए। व्रत रखने वाले लोगों को सात्विक आहार और संयम का पालन करने की सलाह दी जाती है।
क्रोध और विवाद से बचें
एकादशी के दिन मन को शांत रखने और भगवान विष्णु का स्मरण करने की मान्यता है। इसलिए क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए।
अधिक सोने से बचें
धार्मिक परंपरा में एकादशी के दिन अधिक सोने से बचने और भगवान के नाम का स्मरण करते हुए समय बिताने की बात कही गई है। व्रती को पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों में समय लगाने की मान्यता है।
धार्मिक मान्यता: ऊपर बताए गए उपाय और नियम धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं पर आधारित हैं। इनके पालन को आस्था का विषय माना जाता है।



