CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सितंबर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि CJP चुनावी पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और संस्थागत जवाबदेही जैसे मुद्दों पर देशव्यापी जन आंदोलन चलाएगी।
CJP का ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान सितंबर से शुरू, अभिजीत दीपके बोले- चुनाव नहीं लड़ेंगे, जन आंदोलन को करेंगे मजबूत
संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि संगठन सितंबर 2026 से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेगा। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित दो दिवसीय बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत CJP गांवों और शहरों में जाकर युवाओं, छात्रों और आम लोगों से संवाद करेगी तथा उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP चुनावी राजनीति में नहीं उतरेगी, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी।
‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान का उद्देश्य
अभिजीत दीपके ने बताया कि इस अभियान के जरिए देशभर में लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझा जाएगा और उन्हें सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
अभियान के प्रमुख मुद्दे
- महंगी शिक्षा: स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा।
- बेरोजगारी: युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाया जाएगा।
- सरकारी स्कूलों में सुधार: शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने की मांग उठाई जाएगी।
- संस्थागत जवाबदेही: चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने की दिशा में दबाव बनाया जाएगा।
‘CJP चुनावी पार्टी नहीं बनेगी’
दीपके ने कहा कि यदि CJP राजनीतिक दल बन जाती, तो उसका आंदोलन इतना व्यापक समर्थन नहीं जुटा पाता। उन्होंने कहा कि विभिन्न विचारधाराओं के लोग लोकतंत्र और शिक्षा जैसे मुद्दों पर एक मंच पर आए, इसलिए आंदोलन सफल हुआ।
उन्होंने दोहराया कि संगठन का उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और नीतिगत बदलाव के लिए दबाव बनाना है।
पहले दिन हुई रणनीतिक बैठक
बैठक के पहले दिन अभिजीत दीपके ने कहा था कि वर्तमान समय में भारत को किसी नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक मजबूत जन दबाव समूह (Pressure Group) की जरूरत है।
बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई—
- जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा
- E20 पेट्रोल नीति
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार
- संगठन का राष्ट्रीय विस्तार
- आगामी जन आंदोलनों की रणनीति
36 दिन तक चला था जंतर-मंतर आंदोलन
CJP ने 20 जून से 25 जुलाई 2026 तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार 36 दिनों तक आंदोलन चलाया था। इस आंदोलन में हजारों छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए थे।
आंदोलन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी हिस्सा लिया और भूख हड़ताल पर बैठे।
संसद मार्च भी रहा चर्चा में
20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई तथा पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
इसके बाद 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी।
देशभर में युवाओं से संवाद करेगी CJP
सितंबर से शुरू होने वाले ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के तहत CJP विभिन्न राज्यों में जाकर युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से सीधे संवाद करेगी। संगठन का दावा है कि अभियान का उद्देश्य जनता की समस्याओं को समझना और उन्हें नीति निर्माण के केंद्र में लाना है।



