डीएवी गांधीनगर में श्रावणी उपाकर्म यज्ञ संपन्न, विद्यार्थियों को बताया वेदों का महत्व

रांची के डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर में वेद प्रचार सप्ताह के तहत श्रावणी उपाकर्म यज्ञ आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को वेदों की महत्ता और वैदिक संस्कारों की जानकारी दी गई… रांची, 30 अगस्त 2026। वेद प्रचार सप्ताह के तहत डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर में रविवार

रांची के डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर में वेद प्रचार सप्ताह के तहत श्रावणी उपाकर्म यज्ञ आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को वेदों की महत्ता और वैदिक संस्कारों की जानकारी दी गई…

रांची, 30 अगस्त 2026। वेद प्रचार सप्ताह के तहत डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर में रविवार को श्रावणी उपाकर्म यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक परंपरा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने श्रद्धापूर्वक हिस्सा लिया।

आर्य समाज के विद्वान डॉ. प्रद्युम्न शास्त्री एवं श्री विमलेंद्र शास्त्री के मार्गदर्शन में चारों वेदों के विशिष्ट मंत्रों और वैदिक विधि-विधान के साथ यज्ञ संपन्न कराया गया। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से विद्यालय परिसर आध्यात्मिक और संस्कारपूर्ण वातावरण से भर गया।

विद्यार्थियों को बताया वेद और यज्ञ का महत्व

कार्यक्रम के दौरान विद्वान आचार्यों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वेदों की महत्ता, यज्ञ की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक उपयोगिता तथा श्रावणी उपाकर्म के सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वेद मानव जीवन को सत्य, अनुशासन, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाते हैं। युवा पीढ़ी को वैदिक संस्कारों और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

भारतीय संस्कृति से जोड़ना विद्यालय का उद्देश्य

विद्यालय के प्राचार्य श्री प्रदीप कुमार झा ने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना वेदों में निहित है। श्रावणी उपाकर्म जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं, संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और वैदिक जीवन-मूल्यों से परिचित कराकर संस्कारवान एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

वेद मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने वाले ज्ञान का भंडार

एआरओ, झारखंड जोन ‘बी’, श्री एम.के. सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने वाले ज्ञान के भंडार हैं। वेद प्रचार सप्ताह के माध्यम से विद्यार्थियों में सत्य, संयम, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रप्रेम जैसे जीवन-मूल्यों का विकास होता है।

उन्होंने विद्यालय की ओर से वैदिक परंपराओं को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास की सराहना की।

यज्ञ में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने यज्ञ में सहभागिता की। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ पर्यावरण, समाज और राष्ट्र के कल्याण की कामना की गई।

विद्यालय परिवार ने आर्य समाज के विद्वान आचार्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान-परंपरा से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास में भी सहायक होते हैं।

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